फर्रुखाबाद के संकिसा में रविवार को बौद्ध भिक्षुओंं ने भगवान बुद्ध की तप स्थली पहुंचकर पूजा अर्चना की। हर साल की तरह इस बार भी बौद्ध अनुयायी शरद पूर्णिमा पर बौद्ध स्तूप के पास भारी तादात में जमा हुए। बताते हैं कि सनातन धर्मियों ने भी वहां पहुंच कर पूजा अर्चना कर बौद्ध भिक्षुओंं के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच थोड़ा गरमा-गर्मी का माहौल रहा, लेकिन वहां तैनात फोर्स ने तुरंत दोनों पक्षों को शांत कराया।
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सनातन धर्मियों और बौद्घ अनुयायियों के बीच लंबे समय से जगह को लेकर विवाद
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बौद्ध भिक्षुओं के साथ-साथ जमा हुए लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बता दें लंबे समय से सनातन धर्मियों और बौद्घ अनुयायियों के बीच मंदिर को लेकर विवाद चला आ रहा है। यह मामला इतना तूल पकड़ा कि उच्च न्यायालय ने बौद्घ स्तूप तथा बिसहरी देवी मंदिर के निर्माण और किसी तरह की तोड़फोड़ पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। न्यायालय के आदेश पर यहां पुलिसबल तैनात कर दिया गया, जो आज भी तैनात है।
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बौद्ध स्तूप पर पूजा अर्चना के बाद अनुयाइयों को प्रवचन देते बौद्ध भिक्षु
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भगवान बुद्ध की तप स्थली संकिसा पर पूजा अर्चना करने पहुंचे दुनिया भर से आये बौद्ध अनुयायी
- फोटो : अमर उजाला
सनातन धर्मी इस स्थल को विसहारी देवी का मंदिर मानते है। जबकि बौद्ध भिक्षु इसे बौद्ध स्तूप होने का दावा करते हैं। यही विवाद कई साल से चला आ रहा है।
स्तूप के पास पूजा करने पहुंचे बौद्ध भिक्षु
- फोटो : अमर उजाला
आखिर में बौद्ध अनुयाइयों ने संकिसा में धम्म यात्रा निकाली। गेरुआ वस्त्र धारण किए तमाम भिक्षुओंं ने यात्रा में हिस्सा लेकर लोगों के बीच बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार किया।