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राममंदिर निर्माण को लेकर देवकी नंदन यहां एक बात कहकर हो गए भावुक

Thu, 15 Nov 2018 09:30 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
विश्व शांति सेवा समिति कानपुर की ओर से मोतीझील प्रांगण में चल रही कथा के पांचवे दिन गुरुरवार को वृंदावन के देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। वर्णन के दौरान श्रद्धालु भी नाचने लगे।


 
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वृंदावन के देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि जब राम कृपा करते हैं तो संत मिलते हैं। और जब संत कृपा करते हैं तो राम मिलते हैं। ये एक दूसरे के पूरक हैं। समाज की व्यवस्था अच्छी रहे इसका चिंतन संत और कथाकार करते हैं। यहां किसी बात को कहने का मतलब ये नहीं होता कि हम किसी से द्वेष करते हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर बनने के समर्थन में भी अपनी बात रखते हुए कहा कि राम मंदिर तोड़ने वालों ने किसी से अनुमति नहीं मांगी थी।
 
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वो आक्रामणकारी थे, बाहरी देश से आए हुए चोर लुटेरे थे जिन्होंने हमारे प्रभु पर आक्रामण किय। हमारा भारत कितना सहनशील देश है जिसके देवता के ऊपर उसी के देश में जबरदस्ती उससे वो स्थान छीन लिया गया हो। तब से लेकर आजतक हमलोग शांति के साथ ये प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारा राम मंदिर बन जाए। यह बात कहकर देवकी नंदन भावुक हो गए। 
 

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उन्होेंने यह भी कहा कि पत्नी का हरण करने वाले रावण के चरणों में प्रणाम वो इसलिए करते हैं क्योंकि रावण ब्राह्मण है और वो क्षत्रिय, ये श्रीराम का चरित्र। हम उस राम को चाहते है, राम के चरित्र को, राम केमंदिर को इसलिए चाहते हैं क्योंकि वहां प्रणाम करने वाले लोग सीखें मानवता नाम किस चीज का है।
 
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उन्होंने बताया कि भगवान हमें वो सब देते हैं जो हम चाहते हैं। जीव ही है कही न कही भटक जाता है। ईश्वर अंतरयामी है घट-घट की जानते हैं। कृष्ण जन्म पर नंद बाबा की खुशी का वृतांत सुनाते हुए कहा कि जब प्रभु ने जन्म लिया तो वासुदेवजी कंस कारागार से उनको लेकर नंद बाबा के यहां छोड़ आए और वहां से जन्मी योगमाया को ले आए। उधर, कथा में परमट महंत रमेशपुरी, सिद्धनाथ आश्रम के बालयोगी अरुण चैतन्यपुरी, श्रीपंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी के बड़े महंत के उत्तराधिकारी श्रीकृष्ण महाराज भी पहुंचे।
 
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