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दो बार पुलिस पर हमला कर विकास को छुड़ा ले गया था दीपक, अब तक बरामद नहीं हो सकी उसकी राइफल

Thu, 24 Dec 2020 03:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
विकास दुबे का भाई दीपक दुबे भी शातिर किस्म का अपराधी है। विकास के साथ अपराध में वो कदम से कदम मिलाकर चला। सन 1998 व 2004 में विकास पुलिस के हत्थे चढ़ा लेकिन दोनों ही बार दीपक ने पुलिस टीम पर हमला कर विकास को छुड़ा लिया। इन मामलों में केस भी दर्ज हुए थे।

 
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
वहीं बिकरू कांड में विकास ने उसकी ही सेमी ऑटोमेटिक राइफल से पुलिसकर्मियों पर गोलियां दागीं थीं। हालांकि पुलिस अब तक उसकी राइफल बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस के मुताबिक 9 मई 1998 को हत्या के प्रयास व धमकी के केस में पुलिस ने एसएसआई बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में दबिश दी थी।
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विकास दुबे कांड: शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्रा, जय बाजपेई - फोटो : amar ujala
पुलिस जैसे ही विकास को लेकर चली, दीपक ने साथियों के साथ पुलिस पर गोलियां चलाकर विकास को छुड़ा ले गया था। 2004 में भी विकास को जब एक केस में पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची थी तो भी दीपक व उसके गुर्गों ने पुलिस पर हमला बोल दिया था। पुलिस ने इन दोनों घटनाओं में दीपक, विकास समेत अन्य आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। 

 

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विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
दीपक की राइफल से चलीं गोलियां, पर आरोपी नहीं बनाया
बिकरू कांड के बाद पुलिस ने दावा किया था कि दीपक दुबे सेमी ऑटोमेटिक राइफल रखता है। जो विकास के पास रहती थी। हैरानी की बात ये है कि पुलिस ने दीपक दुबे को आरोपी नहीं बनाया। पुलिस का दावा है कि उसकी लोकेशन बिकरू में नहीं थी। 

 
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विकास दुबे के पीछे काले कोट में जिलेदार (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
बयान दर्ज करने लखनऊ जाएगी पुलिस
चौबेपुर थाने में दीपक पर दो एफआईआर दर्ज हैं। अब उसके सरेंडर करने पर पुलिस की एक टीम जल्द ही कोर्ट से अनुमति लेेकर दीपक दुबे को इन दोनों मामलों में कोर्ट में तलब करेगी। बयान भी दर्ज करेगी। बिकरू कांड में भूमिका तलाशने के लिए भी पूछताछ की जाएगी।
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