कानपुर के घाटमपुर के भदरस गांव में गैंगस्टर पप्पू बाजपेई (45) की हत्या में दरोगा प्रेमवीर सिंह समेत तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया। बाकी दो आरोपियों पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। वहीं मौके से बरामद खोखे और दरोगा की पिस्टल की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि गोली सरकारी पिस्टल (9 एमएम) से ही चलाई गई।
विज्ञापन
2 of 5
गैंगस्टर की मां से बातचीत करते कांग्रेसी नेता
- फोटो : amar ujala
पुलिस की पूछताछ में भी दरोगा ने अपना जुर्म कबूल किया है। हालांकि अफसर अभी यह खुलकर नहीं बोल रहे हैं कि हत्याकांड के पीछे की वजह पुलिस की वसूली रही या कुछ और। भदरस गांव में शुक्रवार शाम जुएं की फड़ चल रही थी। घाटमपुर थाने में तैनात दरोगा प्रेमवीर सिंह यादव व सिपाही दीपांशु सादे कपड़ों में वहां पहुंचे थे।
विज्ञापन
3 of 5
दरोगा का हुआ कोरोना टेस्ट
- फोटो : amar ujala
सभी जुआरी भागने लगे लेकिन पप्पू वहीं रह गया। आरोप है कि रुपये लूटने के विरोध में दोनों में विवाद हुआ और दरोगा ने पप्पू के सीने में पिस्टल से गोली दाग दी। पुलिस ने वारदात के 24 घंटे बाद शनिवार रात को दरोगा को गिरफ्तार किया था। नामजद आरोपी वीरेंद्र व रफीक बड़का को भी गिरफ्तार किया। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तीनों को जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों दुर्गा सिंह और विशंभर सिंह की तलाश की जा रही है।
4 of 5
गैंगस्टर को गोली मारने वाला आरोपी दरोगा
- फोटो : amar ujala
सिपाही पर कार्रवाई की मांग
घटना के वक्त दरोगा के साथ सिपाही दीपांशु भी था। पुलिस ने उस पर केवल विभागीय जांच कराने की बात कहकर लाइन हाजिर किया है। इस पर परिजनों का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मी दोषी हैं। दोनों पर एक जैसी कार्रवाई होनी चाहिए। दोनों की बर्खास्तगी की भी मांग की। हालांकि एसपी ग्रामीण का कहना है कि सिपाही को क्लीन चिट नहीं दी गई है। जांच चल रही है।
...बस मैंने मार दी गोली
एसपी ग्रामीण ने बताया कि सख्ती से पूछताछ की गई तो दरोगा ने बताया कि उससे बहस हुई। विवाद बढ़ा तो बस गोली मार दी। अफसरों का दावा है कि पूरा घटनाक्रम उसने पुलिस को भी सही से नहीं बताया है। जांच जारी है।