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यूपी में तूफान: पूर्वी यूपी से होता हुआ आज यहां पहुंच सकता फैनी, किसानाें के लिए जारी किया गया अलर्ट

Fri, 03 May 2019 01:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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फैनी तूफान (सांकेतिक)
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान प्रदेश के पूरबी हिस्से में शुक्रवार को पहुंचेगा और मध्य यूपी में कानपुर परिक्षेत्र शनिवार को आ सकता है। मौसम विभाग का आकलन है कि चक्रवात की हवाओं की रफ्तार यहां पहुंचते-पहुंचते एक चौथाई से भी कम हो सकती है। पश्चिमी यूपी के जिलों में इसकी रफ्तार और कम रहेगी।

 
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फैनी तूफान (सांकेतिक)
पूर्वी हवाओं ने आकर परिक्षेत्र में अधिकतम तापमान घटा दिया है लेकिन रात का न्यूनतम तापमान अधिक हो गया है। चक्रवात के यहां आने के मद्देनजर मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को वर्षा की संभावना व्यक्त की है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात शुक्रवार को पूरबी यूपी के क्षेत्रों में पहुंचेगा।

 
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फैनी चक्रवात (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सीनियर रिसर्च फैलो डॉ. विजय दुबे ने बताया कि यह अनुमान जाहिर किया जा रहा है कि चक्रवात जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा इसकी तीव्रता कम होती जाएगी। कानपुर परिक्षेत्र में चक्रवाती हवाओं की गति 25-30 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। इसके बाद हवाओं की रफ्तार घटती जाएगी। गुरुवार को पूर्वी हवाओं के आने के कारण बदली छा गई।

 

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आंधी-तूफान
बदली की वजह से बुधवार की तुलना में गुरुवार को दो डिग्री सेल्सियस तापमान घट गया लेकिन रात का तापमान करीब तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। इससे रात को अधिक गर्मी रहेगी। मौसम विभाग का कहना है कि बदली से धूप हल्की हो गई। आद्रता बढ़ गई जिससे अधिकतम तापमान घट गया। रात को बदली की वजह से जमीन से निकलने वाली गर्मी ऊपर वातावरण में नहीं जा पाई।

 
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आंधी-तूफान
इससे रात का तापमान बढ़ा है। इस सप्ताह आसमान में मध्यम बादल छाए रहेंगे। फैनी लैटिन भाषा का शब्द है, इसका मतलब होता है मुक्त। चक्रवाती तूफान का फैनी नाम बांग्लादेश ने सुझाया है। इस नाम का चयन 64 नामों के पूल से लिया गया है।

 
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आंधी-तूफान
नॉर्थ इंडियन ओशन बेसिन के आठ  देश अपनी ओर से चक्रवाती तूफानों के अलग-अलग नाम सुझाते हैं। इन्हीं नामों से एक का चयन किया जाता है। यह व्यवस्था विश्व मौसम विभाग (डब्ल्यूएमओ) ने बनाई है। क्षेत्र के लिहाज से डब्ल्यूएमओ की रीजनल ट्रोपिकल साइकलोन कमेटी इस संबंध में निर्णय लेती है। चक्रवाती तूफानों का नाम चयन करने में वर्ष के अंक का भी ध्यान रखा जाता है। 
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