आईएसआईएस से जुड़ने के लिए लखनऊ एनकाउंटर में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह ने अपने साथियों के साथ कानपुर में एक पूर्व प्रिंसिपल का मर्डर किया था। अपना क्रिमिनल बायोडाटा तैयार करने के लिए इन लड़कों ने एक के बाद एक कई सनसनीखेज अपराध किए। एनआईए और एटीएस चकेरी पुलिस के साथ संदिग्ध आतंकी फैसल को लेकर कानपुर के वाजिदपुर भी पहुंची। पूर्व प्रिंसिपल रमेशचंद्र शुक्ला की हत्या के क्राइम सीन का फैसल से रीकंस्ट्रक्शन कराया। फैसल ने बताया कि कैसे उसने, सैफुल्लाह और आतिफ ने मिलकर पूर्व प्रिंसिपल की हत्या की थी।
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गौस मोहम्मद भी था साथ में
पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों ने बताया कि टीम के साथ गौस मोहम्मद भी था। हालांकि वह गाड़ी से उतरा नहीं। फैसल को घटनास्थल पर ले जाया गया। उसने बताया कि आतिफ बाइक चला रहा था और वह बीच में बैठा था, सैफुल्लाह पीछे बैठा था। वे वाजिदपुर रोड पर पुलिया के पास पहुंचे थे, तभी कि सामने से साइकिल से पूर्व प्रिंसिपल आ रहे थे। उनके आगेे निकलते ही सैफुल्लाह ने उन पर फायर किया। उन्हें गोली तो नहीं लगी लेकिन वो घबराकर साइकिल से गिर गए।
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सैफुल्लाह ने करीब जाकर गोली मारी थी
फैसल ने बताया कि उनके गिरने के बाद वह और सैफुल्लाह बाइक से उतरकर पास में पहुंचे। पहले उसने पिस्टल से गोली चलाने की कोशिश की लेकिन चला नहीं पाया। इसके बाद दोनों हाथ से पूरी ताकत से दो फायर किए। सैफुल्लाह ने टीचर के करीब जाकर गोली मार दी। इसके बाद वे भाग गए। उन्हें पता नहीं था कि वे मर गए हैं। अगले दिन अखबार से उनके मरने की जानकारी हुई। एसपी ने क्राइम सीन की वीडियोग्राफी भी कराई। बता दें इन संदिग्ध आतंकियों ने अपने आप को मजबूत करने के लिए टेस्टिंग के तौर पर 24 अक्तूबर को पूर्व प्रिंसिपल की हत्या की थी।
‘हमसे जुड़ना है तो बड़ा धमाका करना होगा’
फैसल के मुताबिक उन्होंने आईएसआईएस से जुड़ने के लिए रमेशचंद्र शुक्ला का मर्डर किया था। उन्होंने ई-पेपर से अखबार की पीडीएफ निकालकर सीरिया भी भेजी थी लेकिन आईएसआईएस ने उनको यह कहकर मना कर दिया था कि हमसे जुड़ने के लिए हत्या नहीं बल्कि बड़ा धमाका करना होगा। इसके बाद उन लोगों ने ट्रेन में ब्लास्ट किया था।