यूपी के बांदा जिले में बच्चियों के साथ हैवानियत की दो ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिन्हें जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। पहली घटना में ई-रिक्शा चालक ने 5 साल की बच्ची से दुराचार किया। दूसरी घटना में युवक ने 7 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश की, पुलिस के ऐन मौके पर पहुंच जाने से बच्ची दरिंदगी का शिकार होने से बच गई। पुलिस ने दुराचार के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दुष्कर्म की शिकार बच्ची की हालत गंभीर है। उसे जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया है। दोनों घटनाएं शहर के एक ही मोहल्ले की हैं।
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बांदा में बालिका से दुराचार की घटना में स्थलीय निरीक्षण करतीं एसपी शालिनी।
गुरुवार को कैंप कार्यालय में डीआईजी मनोज तिवारी ने मंडल के चारों पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में महिला और बाल अपराधों पर कड़ाई से रोक लगाने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों को अपराधियों ने चंद घंटे बाद मंडल मुख्यालय में ही चुनौती दी। शहर के नवाब टैंक अतर्रा रोड पर पांच साल की दलित बच्ची गुरुवार की रात परिजनों के साथ घर के बाहर सो रही थी। रात करीब 12 बजे परशुराम तालाब निवासी ई-रिक्शा चालक कल्लू वर्मा पुत्र मइयादीन मुंह दबाकर उसे ई-रिक्शा में उठा ले गया। लगभग दो किलोमीटर दूर बाईपास स्थित बेनीपुरवा के पास सुनसान स्थान पर उसके साथ दुराचार किया। बच्ची खून में लथपथ होकर बेहोश हो गई। इसी बीच वहां से गुजरी यूपी-100 पुलिस ने आरोपी कल्लू को दबोच लिया।
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डेमो पिक
बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसी समय रात में ही इसी घटनास्थल से कुछ दूर पुलिस को सात साल की दूसरी बालिका सुनसान स्थल पर मिली। बालिका ने पुलिस को बताया कि एक व्यक्ति उसे सोते समय उठा लाया था। उसने गलत काम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को देखकर भाग गया। पुलिस बच्ची को अपने साथ कोतवाली ले आई। उधर, दुष्कर्म का शिकार पांच वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर देख महिला अस्पताल से शुक्रवार को कानपुर रेफर कर दिया। पुलिस अधीक्षक शालिनी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल में बालिका की हालत देखी। उन्होंने दुष्कर्म की कोशिश करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार करने के लिए कोतवाली पुलिस को निर्देश दिए। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्रीनिवास यादव ने बताया कि पिता की तहरीर पर आरोपी कल्लू वर्मा के विरुद्ध धारा 363, 376 व 6 पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की है। उसे जेल भेज दिया गया। दूसरी घटना के आरोपी की भी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने नशे की हालत में यह घटना अंजाम दी है।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- अत्यधिक रक्तस्राव से हालत हुई गंभीर ...
बांदा महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ऊषा सिंह का कहना है कि हैवानियत का शिकार बच्ची को काफी चोट पहुंची है। रक्तस्राव ज्यादा होने से उसकी स्थिति नाजुक है। इसी कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्ची से दुराचार आरोपी की मानसिक विकृति है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर ऐसी घटनाएं पागलपन या नशे की हालत में होती हैं। सभ्य समाज में ऐसी घटनाएं कलंक जैसी हैं। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।