डकैत निर्भय गुर्जर गैंग की सदस्य रही सरला जाटव सहित दो अन्य लोगों को पांच साल कैद की सजा के साथ आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। औरैया में विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) महफूज अली ने 12 साल पुराने पुलिस मुठभेड़ के एक मुकदमे में यह सजा सुनाई है।
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मुठभेड़ में बदमाश भाग निकले थे
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सरला जाटव
अभियोजन के अनुसार तीन सितंबर 2004 को अयाना थानाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा को सूचना मिली कि दस्यु निर्भय गुर्जर सिहोली के बीहड़ में 18-20 सदस्यों के साथ छिपा है। सूचना पर जनपद इटावा, भिंड (मध्य प्रदेश), थाना फूफ पुलिस ने उच्चाधिकारियों के साथ सिहोली के जंगल की घेराबंदी की। मुठभेड़ में बदमाश भाग निकले। पुलिस ने दो अगवा लोगों को बरामद किया। इसमें शीबू पुत्र शौकीन खां निवासी कल्यान नगर भरथना (इटावा) और सागर लाल दुबे थे। इस पर थाना अयाना में निर्भय गुर्जर, सरला जाटव, विहंगम सिंह, शत्रुघन सिंह, राजकिशोर के विरूद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमे का विचारण विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्र. क्षेत्र) में हुआ। विचारण के दौरान निर्भय गुर्जर की मौत हो चुकी थी। जबकि एक अन्य आरोपी फरार चल रहा है।
सरला जाटव पत्नी दस्यु श्याम जाटव निवासी न्यामतपुर अजीतमल, विहंगम सिंह पुत्र जवान सिंह निवासी मिश्रपुरा मानिकचंद अयाना के खिलाफ यह मुकदमा चला। बुधवार को एडीजे महफूज अली ने सरला जाटव व विहंगम सिंह को पांच साल के कठोर करावास व आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। सरला जाटव पहले से जेल में बंद है।