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इलेक्शन टाइम में एक्टिव हुआ 'बबुली कोल'

Sat, 07 Jan 2017 05:34 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कहते हैं चित्रकूट में दहशत का दूसरा नाम है 'बबुली कोल'... यूपी विधानसभा के चुनावी समर में इसी 'बबुली कोल' गैंग ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। अक्सर यह देखा जाता रहा है जब-जब राज्य में चुनाव होता है, यह कुख्यात डाकू गैंग सक्रिय हो जाता है। दरअसल, पांच लाख का ईनामी डकैत बबुली कोल इलाके में अपनी दहशत कायम रखना चाहता है। 

 
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यहां दहशत का दूसरा नाम है 'बबुली कोल'

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शुक्रवार को चित्रकूट में गैंग का नया कर्मकांड सामने आया है। बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के कैलहा गांव के एक परिवार को बबुली कोल ने बुरी तरह बंदूक की बट से मार मार कर लहूलुहान कर दिया। कैलहा गांव के बच्चा नामक व्यक्ति राशन वितरित करने की कोटेदारी मिली है। शुक्रवार भोर पहर बच्चा जब अपने घर से शौच के लिए निकला उसी समय पीछे से डकैत बबुली कोल बच्चा के घर आ धमका।


 
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मां-बेटे की चींख गूंजी पूरे गांव में

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बच्चा के पुत्र अजय कुमार और पत्नी हिरनिया को डाकू घर से घसीट कर भौंदा कोल के घर में ले गए। यहां उन्होंने दोनों का वो हश्र किया जिससे पूरे गांव की रूह कांप उठी। दोनों को बुरी तरह बंदूक की बट से मार मार कर अधमरा कर दिया। दोनों की चींख पूरे गांव में गूंज उठी। सभी को खबर हो गई कि बबुली कोल गांव में घुस आया है। लेकिन किसी की बाहर झांकने तक की हिम्मत नहीं हुई।  

 

परिवार ने दहशत के मारे छोड़ा गांव

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डाकू ने दोनों मां-बेटे को पीटने के बाद जाते-जाते अपने खिलाफ जुबान खोलने पर बुरे अंजाम की धमकी दी। साथ बच्चे के लड़के को कहा अपने बाप को कह देना कि जैसा मैं चाहूंगा वैसा ही होगा। परिवार ने दहशत के मारे गांव छोड़ दिया है।
 
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डाकू बलखड़िया का पर्याय बना बबुली

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डाकू बलखड़िया की मौत पर ली गई तस्वीर, हरी कमीज पहने बैठा डाकू बबुली कोल

पाठा क्षेत्र में दहशत फैलाने में जुटा डकैत बबुली कोल का नाम पहले भी ऐसे मामलों में आता रहा है। कोल के नाम मारपीट, हत्या, रंगदारी, अपहरण जैसे संगीन मामले दर्ज है। जानकारी के लिए बता दें दस्यु सरदार डाकू बलखड़िया उर्फ बाल खड़े उर्फ सुदेश पटेल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद बबुली कोल गैंग का सरदार बना।  
 
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