घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। सगाई हाेने के बाद कार्ड बट चुके थे पर तभी कुछ एेसा हुअा कि शादी से कुछ दिन पहले ही रिश्ता टूट गया। जिस घर में खुशियाें का माहाेल था वाे मातम में बदल गया। जानिए क्या है पूरा मामला।
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हैदरगंज निवासी प्रदीप कुमार मधुपिया ने बताया कि उसने बहन मांशी की शादी जालौन के कदौरा थानाक्षेत्र के कुंवाखेड़ा गांव में कुलदीप उर्फ रंजीत से तय की थी। सगाई होने के बाद शादी के कार्ड बट चुके थे। शादी 24 अप्रैल को होनी थी।
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छह मार्च को कुलदीप उर्फ रंजीत अपने पिता शिवदास व मां के साथ आया। कृष्ण कुमार मधुपिया के घर पर पीड़ित को बुलाकर लड़के पक्ष के लोग दहेज की मांग करने लगे। दहेज में चार पहिया गाड़ी व दो लाख रुपये की बात रखी।
इस पर वधू पक्ष ने दहेज देने से मना कर दिया। दहेज ना मिलने पर लड़के वालों ने शादी करने से इंकार कर दिया। कन्या पक्ष के लाेगाें ने बताया कि तिलक में अंगूठी, कपड़े व पचास हजार रुपये दिए गए थे। शादी के लिए फर्नीचर, गेस्ट हाउस व हलवाई सहित अन्य चीजों की बुकिंग भी शुरु हाे गई थी।