कानपुर देहात के चौबेपुर इलाके में शुक्रवार देर रात बदमाशों ने एक बैंक लूटने का प्रयास किया। बस किस्मत अच्छी रही जो बदमाश बैंक के लॉकर का ताला तोड़ने में नाकामयाब रहे। इस घटना की जब पुलिस जांच हुई तो पोल खुली बैंक और पुलिस महकमे की लापरवाही की।
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बदमाश लॉकर रूम का ताला तोड़ने में रहे नाकामयाब
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कानपुर देहात के चौबेपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक को चोरों ने बनाया निशाना
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
चौबेपुर के देदुपुर स्थित बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण बैंक में शुक्रवार देर रात चोरों ने बैंक में चोरी करने का प्रयास किया। इसकी जानकारी देर रात पुलिस को मिली। रामबाबू कुशवाहा ने बैंक को अपनी जमीन किराए पर दी है जबकि वह खुद नजदीक ही एक मकान में रहते हैं। रात को वह लघुशंका के लिए बाहर निकले तो उनकी नजर बैंक के टूटे ताले पर पड़ी। रामबाबू ने शोर मचाकर लोगों को इकठ्ठा करने की कोशिश की। इतने में बैंक के भीतर से दो आदमी सरपट दौड़ते हुए बाहर निकले। रामबाबू बस उन्हें एक झलक ही देख पाए। इतने में वे अंधेरे में कहीं गायब हो गए।
बाद में भीड़ इकठ्ठा होने पर पुलिस बुलाई गई। बैंक के अंदर जाकर देखा तो चोरों ने मेन गेट का ताला तोड़ भीतर लॉकर रूम तक जाने के लिए तीन दरवाजों के ताले और तोड़े। लेकिन आखिर में बदमाश लॉकर रूम का ताला नहीं खोल पाए।
बैंक मैनेजर रामेंद्र सिंह सचान फिलहाल छुट्टी पर हैं। उनकी जगह सेंकेंड अफसर (सहायक) एस. के कनौजिया कार्यभार संभाल रहे हैं। सुबह होने पर पुलिस ने जब बैंक मैनेजर से सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराने को कहा तो उन्होंने जवाब दिया, सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहा है।
बैंक में जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कारण जानने की कोशिश की तो पता चला बैंक में बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। केवल बैंक की छत पर लगे सोलर सिस्टम से उत्पादित बिजली पर ही बैंक आश्रित है। जो कि आधे समय चार्ज नहीं रहता। ज्ञात हो नोटबंदी के बाद से बैंकों में जारी गड़बड़ के मद्देनजर सभी बैंकों को यह निर्देश दिए गए थे कि वे अपने बैंकों की वीडियो फुटेज सहेज के रखें और जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को मुहैया कराए।
लेकिन इस एक मामले ने लापरवाही की वो तस्वीर पेश की है जिस पर जवाब देते नहीं बन रहा। हालांकि इसमें अकेले बैंक दोषी नहीं है। निर्देशानुसार, पुलिस की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने इलाके के सभी बैंकों के सीसीटीवी कैमरों की जानकारी रखे। यदि कोई खराबी है तो उन्हें नोट कर सही कराने का प्रयास करें।
चोरी की इस घटना के बाद एसओ राकेश कुमार यादव घटनास्थल पर जायजा लेने पहुंचे थे। उस दौरान भी इस तरह का कोई सवाल नहीं किया गया। क्योंकि दोनो महकमें जानते थे कि चूक दोनों से हुई है। इसलिए गहन पूछताछ भी नहीं की गई।