जालौन जिले के रेंढर थाना क्षेत्र में सिरफिरे मजदूर ने शराब के नशे में घर में सो रहे अपने चाचा पर ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी के वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। बीच-बचाव में आई मां और छोटे भाई पर भी न सिर्फ कुल्हाड़ी से हमला किया बल्कि अपनी दोनों बेटियों को भी मारापीटा। फिर सभी को कच्चे घर में बंदकर उसमें आग लगा दी।
इस बीच सूचना पर जब पुलिस पहुंची तो सिरफिरे ने सुलगते मकान की छत से फोर्स पर भी पथराव कर दिया। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसे दबोचा और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि युवक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और घर में आग लगाने का मामला दर्ज किया गया है।
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घर के बाहर बैठे लोग
- फोटो : अमर उजाला
रेंढर कस्बा निवासी मजदूरी करने वाले वेदप्रकाश (38) पुत्र स्वर्गीय दुर्गाप्रसाद दोहरे ने मंगलवार की रात जमकर शराब पी। रात करीब दो बजे के आसपास कुल्हाड़ी से घर में चारपाई पर सो रहे चाचा बृजमोहन (45) के सिर पर कई वार कर दिए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
शोर-शराबा सुनकर घरवाले जाग गए और बीच-बचाव में आए तो वेद ने सबसे पहले छोटे भाई संगम (31), फिर मां रामवती (58) पर भी कुल्हाड़ी से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। इसके बाद वेद ने अपनी बेटियों सालिनी (12) सालू (9) नंदनी (5) के साथ भी मारपीट की।
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जानकारी देती बेटी
- फोटो : अमर उजाला
जब उसका गुस्सा इतने से भी शांत नहीं हुआ तो उसने सभी को घर में भीतर से बंद किया और आग लगा दी। पास-पड़ोस के लोगों ने वेद के घर से धुंआ निकलते देखा तो पुलिस को सूचना दी। जब तक आसपास के थानों की फोर्स पहुंचती घर के पीछे के हिस्से से आग की लपटें उठने लगी थी और वेद खुद छत पर चढ़ चुका था।
पुलिस को देखते ही उसने छत से ही सिपाहियों और दरोगा पर पथराव शुरू कर दिया। तब सिपाहियों ने पड़ोसियों की छत से जाकर उसे किसी तरह दबोचा। इस बीच दमकल की गाड़ी पहुंच गई। पुलिस ने आग बुझाकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल भेजा। वहां चाचा बृजमोहन को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाकी घायलों का इलाज जारी है। रेंढर पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।
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हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी के मायके से न आने का था गुस्सा
पुलिस ने बताया कि वेद की शादी करीब पंद्रह साल पहले रीना से हुई थी। शादी के बाद से दोनों में नहीं बनती थी। इस कारण ससुरालियों ने वेद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला भी दर्ज करा दिया। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। फिर भी पति पत्नी के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ था। बीते करीब पांच-छह महीने से पत्नी रीना मायके में ही रह रही है। उसे वापस बुलाने के लिए वेद अपने चाचा पर दबाव बना रहा था लेकिन वेद की नशेबाजी की हरकतों के कारण चाचा तैयार नहीं थे। परिजनों का कहना है कि इसी बात को लेकर अक्सर वेद और बृजमोहन के बीच कहासुनी होती थी।
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आग से जला सामान
- फोटो : अमर उजाला
पिता की क्रूरता पर भरोसा नहीं हो रहा था
घटना के बाद मकान से निकली वेद की तीनों बेटियां इस कदर सहमी हुई थी कि वे अपने पिता का चेहरा तक देखना नहीं चाह रही थी। बेटियों के मुताबिक उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि पिता ने दादा और चाचा दोनों के बाद दादी और उन पर भी हमला किया। पिता पर मानो शैतान सवार हो गया था।
घर लौटने को नहीं तैयार मां-बेटे
बेटियों की तरह वेद की मां और छोटे भाई संगम का भी खौफ के चलते बुरा हाल है। दोनों मां बेटे अस्पताल में ग्रामीणों से यही कहते रहे कि भइया अब घर लेकर न जाना वर्ना वह शैतान हमें जिंदा नहीं छोड़ेगा। ग्रामीणों की मानें तो वेद की इन्हीं हरकतों के कारण पत्नी भी मायके से आने को तैयार नहीं थी।
न जिंदा रहूंगा और न किसी को रहने दूंगा
पुलिस बड़ी मुश्किल से वेद को काबू करके थाने तक ला पाई। थाने पर भी शराब के नशे में धुत वेद बड़बड़ाता रहा कि न खुद जिंदा रहूंगा और न किसी को जिंदा रहने दूंगा। यह सुनकर पुलिस भी बुधवार सुबह तक सकते में रही। पुलिस का कहना है कि यदि ऐन वक्त पर फोर्स न पहुंचती तो वाकई परिवार का कोई सदस्य ही न बच पाता।