केंद्र सरकार और राज्य सरकार देश को स्वच्छ बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए गांवों और शहरों में शौचालय निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। लेकिन इस सामुदायिक शौचालय को देखकर किसी की भी आंखें शायद भरोसा न करें कि ये शौचालय है। कहने को तो यह शौचालय है लेकिन वास्तव में यह किसी घर से कम नहीं। जानें क्या है पूरा मामला...
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सामुदायिक शौचालय में लगा कूलर
कानपुर में एक ऐसा सामुदायिक शौचालय देखने में आया है जिसमें बेडरूम, ड्राइंगरूम, रसोई और बाथरूम तैयार है। गुरुवार को नगर आयुक्त की टीम शहर को खुले में शौच से मुक्त करने निकली तो संजय नगर में बने एक सामुदायिक शौचालय को देख दंग रह गई।
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शौचालय में रखी वाशिंग मशीन
कानपुर के नगर आयुक्त जब टीम के साथ पहुंचे तो शौचालय के बाहर ताला लटक रहा था। नगर आयुक्त बाउंड्री फांद कर गेट के अंदर पहुंचे ही थे कि एक व्यक्ति अंदर से ताला खोलने के लिए निकला। शौच करने के स्थान पर फ्रिज, कूलर और वाशिंग मशीन रखे मिले। बाथरूम रसोई घर में तब्दील था, बगल में ड्राइंग रूम बना था।
कानपुर दक्षिण में स्थित संजय नगर सबसे बड़ी मलिन बस्ती में शुमार है। बस्ती के आगे रेलवे लाइन किनारे काफी संख्या में लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। इसी को रोकने के लिए क्विक रेस्पांस टीम गुरुवार तड़के ही डेरा डाले थी। लगभग साढ़े चार बजे नगर आयुक्त अविनाश सिंह भी ओडीएफ के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स को लेकर पहुंचे।
नगर आयुक्त रेलवे लाइन के पास के शौचालय में पहुंचे तो गेट में ताला लटका नजर आया। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा न खुला तो नगर आयुक्त शौचालय की दीवार पर चढ़कर अंदर कूदे। अंदर जाने पर उन्होने देखा कि शौचालय शौचालय नहीं बल्कि आलीशान घर बन गया है।