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कोरोना का कहर : बिना ऑक्सीजन तड़प उठे रोगी, अस्पतालों ने खड़े किए हाथ, कानपुर में हाहाकार

Mon, 19 Apr 2021 12:13 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ऑक्सीजन न मिलने से कोरोना संक्रमितों समेत दूसरे मरीज तड़प उठे। कई की जान चली गई, लेकिन अस्पताल सामान्य मौत बताकर परिजनों से इसे छिपाते रहे।
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बिना ऑक्सीजन तड़पे रोगी - फोटो : amar ujala
कानपुर के तमाम अस्पतालों में रविवार को ऑक्सीजन न मिलने से कोरोना संक्रमितों समेत दूसरे मरीज तड़प उठे। कई की जान चली गई, लेकिन अस्पताल सामान्य मौत बताकर परिजनों से अव्यवस्था का हाल छिपाते रहे। रामा मेडिकल कॉलेज में कई मरीजों को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिली। हाय तौबा मचने के बाद मामला नोडल अफसर अनिल ढींगरा तक पहुंचा।

 
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बिना ऑक्सीजन तड़पे रोगी - फोटो : amar ujala
तब जाकर कुछ मरीजों को ऑक्सीजन लगाई गई। हैलट के भी कोविड मरीजों की यही दशा रही। ऑक्सीजन की कमी से दिन भर मरीजों की सांसें फूलती रहीं। शहर के कई अस्पतालों में 24 घंटे का भी ऑक्सीजन बैकअप नहीं है। माना जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी से भी मरीजों की मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। नोडल अफसर अनिल ढींगरा के सक्रिय होने के बाद रामा मेडिकल कालेज और नारायणा मेडिकल कालेज ने सीएमओ को स्थिति की जानकारी दी और मरीजों को बचा पाने से हाथ खड़े कर दिए। बताया कि उनके पास रविवार रात तक की ही आक्सीजन है।

 
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बिना ऑक्सीजन तड़पे रोगी - फोटो : amar ujala
इसके बाद रोगियों को बचाना मुश्किल हो जाएगा। सीएमओ ने स्थिति से कमिश्नर और डीएम को अवगत करा दिया है। दरअसल शनिवार को कानपुर के दो आक्सीजन टैंकर लखनऊ डायवर्ट कर देने से रविवार को कोविड अस्पतालों में त्राहि-त्राहि की स्थिति रही। होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों को सिलिंडर नहीं मिल पाए। अस्पतालों का स्टाक कम होता गया। इस वजह से सभी जरूरतमंद रोगियों को ऑक्सीजन नहीं मिली। रामा मेडिकल कालेज और नारायणा मेडिकल ने सीएमओ को स्थिति से अवगत करा दिया है कि उनके पास आधी रात तक की ही आक्सीजन बची है।

 

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ऑक्सीजन न मिलने से गई कई जानें - फोटो : amar ujala
इस पर सीएमओ ने किसी तरह व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। आनन फानन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जूम मीटिंग हुई। टैंकर डायवर्ट करने को आपराधिक कृत्य बताया गया है। मीटिंग में सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कमिश्नर डॉ. राजशेखर और डीएम आलोक तिवारी को स्थिति बताई। डीएम ने इस पर शासन को पत्र लिखा है। 


 
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बिना ऑक्सीजन तड़पे रोगी - फोटो : amar ujala
आक्सीजन की मौजूदा स्थिति से स्थानीय प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। आश्वासन दिया गया है कि ऑक्सीजन की व्यवस्था की जा रही है। 
उदित नारायण, एमडी, नारायणा मेडिकल कालेज 

ऑक्सीजन उपलब्धता कम थी, इसलिए करीब 20-25 मिनट समस्या रही थी। फिलहाल जितने मरीज बाहर एंबुलेंस में थे सबको भर्ती कर लिया गया है। रात आठ बजे हमें एक टन आक्सीजन मिल गई है। यह सुबह 11 बजे तक काम आएगी। इसके बाद स्टॉक के हिसाब से मरीजों को एडमिट किया जाएगा। 
डॉ प्रणव सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, रामा यूनिवर्सिटी

टैंकर डायवर्ट करके नोडल ड्रग इंस्पेक्टर ने रोगियों की जान खतरे में डाल दी है। डीएम और कमिश्नर को अवगत करा दिया है। ऑक्सीजन का इंतजाम कराया जा रहा है। 
डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, सीएमओ  

हम सभी अफसर व्यवस्था में जुटे हुए हैं। ऑक्सीजन उपलब्धता के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। मरीजों को जल्द से जल्द बेड दिए जाने के लिए अस्पतालों से लगातार बात की जा रही है। हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आज से 16 और अस्पताल शुरू हो रहे हैं। जल्द ही स्थितियां सामान्य होंगी। 
अनिल ढींगरा, नोडल अफसर, कोरोना कंट्रोल 
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