कन्नौज जिले के बदलेपुरवा गांव में युवक के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। शुक्रवार देर रात तक गांव में डेरा डालने के बाद अफसर सुबह फिर पहुंच गए। संक्रमित युवक के माता-पिता, पांच भाई, पांच भाभी, नौ बच्चों और एक मामा को जांच के लिए सैंपल लेकर क्वारंटीन वार्ड में रखा गया है। पूरे गांव को फायर ब्रिगेड के जवानों ने सैनिटाइज किया है। गांव को सील करने के साथ ही यहां रहने वाले करीब 450 लोगों के सैंपल लेने की तैयारी की जा रही है।
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गांव में पसरा सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
बदलेपुरवा गांव में युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद जिला प्रशासन ने गांव में सर्वे शुरू करा दिया है। पता लगाया जा रहा है कि हाल ही में गांव में कौन-कौन लोग आए हैं। खासतौर से युवक के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है। जानकारी हुई है कि कन्नौज शहर में रहने वाले युवक का मामा गेहूं कटाई के लिए उसके घर गया था। इसी से जिन लोगों को पहले चरण में सैंपल के लिए चुना गया उनमें युवक के माता-पिता के साथ ही पांच भाई, पांच भाभी, नौ बच्चों के अलावा मामा भी शामिल है। इन सभी का सैंपल सैफई मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
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कन्नौज के बदलेपुरवा में मिला पहला कोरोना पॉजिटिव
- फोटो : अमर उजाला
युवक को सरसौल में बनाए गए मंडलीय कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। परिवार के सभी 22 लोगों को कनपटियापुर रोड स्थित गौतम बुद्ध पैरामेडिकल कॉलेज में क्वारंटीन किया गया है। फायर ब्रिगेड के जवानों ने गांव के हर एक घर की दीवारों, सार्वजनिक जगहों आदि को दवा छिड़ककर सैनिटाइज किया। उधर, शुक्रवार देररात तक ठठिया थाने में रुकने के बाद डीएम और एसपी सुबह जल्द गांव पहुंच गए। डीएम और एसपी ने निर्देश दिए हैं कि गांव का कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं जाना चाहिए। न ही बाहर से कोई व्यक्ति गांव में प्रवेश करे। खाने-पीने की जो भी चीजें हैं वह गांव में ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
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कन्नौज के बदलेपुरवा में मिला पहला कोरोना पॉजिटिव
- फोटो : अमर उजाला
दो घंटे मेडिकल कालेज में टहलता रहा संक्रमित युवक
कोरोना पॉजिटिव मरीज गांव बदलेपुरवा निवासी युवक की जांच में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बरती गई लापरवाही से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिले में मिला पहला मरीज जांच के लिए घंटों मेडिकल कॉलेज में टहलता रहा था। कोरोना वायरस की जांच का सैंपल लेने के बाद भी उसे क्वारंटीन नहीं किया गया। मेडिकल कॉलेज से घर भेज दिया गया। इस दौरान कई चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा कई लोगों के उसके संपर्क में आने से कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है। वहीं, सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह का कहना है कि युवक आठ अप्रैल की शाम को आया था। उसे भर्ती भी किया गया था। सुबह उसका सैंपल लिया गया। परिजन उसे डिस्चार्ज कराकर साथ ले गए। वहीं, एसीएमओ डॉ. केसी राय ने बताया कि संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को क्वारंटीन करने के साथ जांच कराई जा रही है।
शिवराजपुर में बहनोई के घर ठहरा था युवक
बदलेपुरवा गांव में रहने वाले युवक से कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है। हरियाणा से 28 मार्च को लौटने के बाद वह कई लोगों के संपर्क में आया है। सर्विलांस टीम की छानबीन में कानपुर के शिवराजपुर में रहने वाले बहनोई के घर ठहरने की बात भी सामने आई है। उसका मामा गेहूं की कटाई करने उसके घर आया था। उसे भी क्वारंटीन किया गया है। शिवराजपुर पुलिस को उसके बहन-बहनोई को क्वारंटीन कराने को कहा गया है।