कानपुर के मुक्तिधामों पर बुधवार को रिकॉर्ड 640 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। बिठूर में एक दिन में सबसे अधिक 121 चिताएं जलीं। संख्या अधिक होने से यहां के तीनों टालों पर लकड़ियां खत्म हो गईं। टाल संचालकों ने देरशाम तक लकड़ियां मंगवाईं। इसके चलते यहां रात तक अंतिम संस्कार किया गया।
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दिल दहला देने वाला है घाटों का मंजर
- फोटो : amar ujala
यही हाल सिद्धनाथ घाट का भी रहा। भगवतदास घाट और भैरो घाट स्थित विद्युत शवदाह गृहों में 112 शव पहुंचे, जहां देर रात तक अंतिम संस्कार होते रहे। उधर, शहर के प्रमुख मुस्लिम कब्रिस्तानों में 54 जनाजे सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
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रात को भी जली चिताएं
- फोटो : amar ujala
नगर निगम की रिपोर्ट में 103 शव आए
नगर निगम के अनुसार बुधवार को शाम तक भैरो घाट विद्युत शवदाह गृह में कोरोना संक्रमित समेत 99 शव पहुंचे। इनमें से 13 का बिजली और 67 शवों का अंतिम संस्कार लकड़ियों से किया गया। 16 शव अन्य शवों का अंतिम संस्कार देररात तक चलता रहा। भगवतदास घाट विद्युत शवदाह गृह में भी कोरोना संक्रमित मरीजों समेत 16 शवों का अंतिम संस्कार इलेक्ट्रॉनिक भट्ठी में किया गया। यहां 35 शवों का अंतिम संस्कार लकड़ियों से हुआ।
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शवों की लगी हैं लंबी कतारें
- फोटो : amar ujala
कहां कितने अंतिम संस्कार
भैरव घाट विद्युत शवदाहगृह - 99
भैरव घाट शमशान घाट - 90
भगवत दास विद्युत शवदाहगृह - 17
भगवत दास शमशान घाट - 37
सिद्धनाथ घाट - 47
स्वर्ग आश्रम - 85
बिठूर - 121
ड्योढ़ी घाट - 82
नजफगढ़ घाट - 36
गौशाला, नारायणपुर, नागापुर, डोमनपुर - 28