उत्तर प्रदेश में कन्नौज के छिबरामऊ में मोहल्ला कटरा में कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच सौ शैय्या अस्पताल में क्वारंटीन हुए पिता की कोरोना रिपोर्ट जब निगेटिव आई, इसके बाद उन्होेंने अपनी बेटी का कन्यादान किया। शादी का कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। नगर के मोहल्ला कटरा निवासी व सिलाई का काम करने वाले रामलड़ैते जाटव की बेटी रचना की शादी मैनपुरी जनपद के बरियालपुर निवासी देवेंद्र सिंह के बेटे अमन संग तय हुई।
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शादी में शामिल हुए कुछ ही लोग
- फोटो : amar ujala
चार जून को रचना के पिता रामलड़ैते जाटव दोपहर के समय शादी की अनुमति लेने घर से पैदल ही एसडीएम कार्यालय चले गए। धूप अधिक होने से उनके शरीर का तापमान बढ़ गया। संयोग ही था कि जब रामलड़ैते घर लौटे, तभी स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां आ गई। थर्मल स्क्रीनिंग में शरीर का तापमान अधिक लगा तो टीम उनको सौ शय्या अस्पताल ले गई। वहां से शरीर तापमान नार्मल होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें घर भेज दिया।
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पूरे रीति रिवाज के साथ हुई शादी
- फोटो : amar ujala
घर लौटने पर मोहल्ले के लोगों ने शिकायत की और स्वास्थ्य विभाग की टीम फिर आई और पिता को सौ शय्या अस्पताल ले जाकर क्वारंटीन कर दिया, जहां से उनका कोरोना जांच के लिए सैंपल लेकर किंग जार्ज यूनिवर्सिटी लखनऊ भेजा गया। सात जून को बेटी की बरात की तैयारी पिता के लिए परेशानी का सबब बनी रही। शनिवार की देर शाम जब रामलड़ैते की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव निकली तो उन्हें सौ शय्या अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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वर पक्ष से शादी में आए पांच लोग
- फोटो : amar ujala
जब पिता घर पहुंचे तो परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना न रहा। रविवार की दोपहर को उनकी बेटी की बरात आई। महज पांच बरातियों के बीच सादगीपूर्ण माहौल में पिता ने अपनी बेटी का कन्यादान किया। अपने सिर पर पिता का हाथ पाकर बेटी की आंखे खुशी के आंसुओं से बह रही थीं। शाम को खुशी के माहौल में बेटी की विदाई हुई।
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दूल्हा ने बताया लॉकडाउन ने तोड़ दिए धूमधाम से शादी के सपने
- फोटो : amar ujala
लॉकडाउन ने तोड़ा धूमधाम से शादी का सपना
दूल्हा अंकित बताते हैं कि शादी तय होने के बाद उन्होंने कई सपने सजाए थे। लेकिन लॉकडाउन ने उनका धूमधाम से शादी का सपना तोड़ दिया। सादगीपूर्ण विवाह उनके जीवन का एक ऐसा अनुभव होगा, जिसे वह ताउम्र नहीं भूल पाएंगे।
दुल्हन बोली आंसुओं में भींगकर काटी रातें
दुल्हन रचना बताती है कि जब कोरोना संदिग्ध होने के चलते तब पिता सौ शय्या अस्पताल में क्वारंटीन हुए तो उसकी शादी पर अनिश्चितता के बादल छा गए और पूरा घर भय से सहम गया। लगातार उसकी दो रातें सिर्फ रोकर भगवान का ध्यान कर काटीं। वह भगवान से पिता की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने की दुआ मांग रही थी। अब भगवान ने उसकी सुन ली। न सिर्फ पिता की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आयी बल्कि उसका कन्यादान भी पिता ने ही किया। रचना बार-बार भगवान का शुक्रिया अदा कर रही थी।