कानपुर के कल्याणपुर के गूबा गार्डन में किराये पर रहने वाले कोरोना संक्रमित अवधेश कुमार (55) की बेड और ऑक्सीजन न मिलने से मौत हो गई। उनके परिजन दिनभर बेड और ऑक्सीजन के लिए अस्पतालों के चक्कर काटते रहे।
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ऑक्सीजन की किल्लत
- फोटो : amar ujala
कोविड कंट्रोल रूम का फोन मिलाया लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। इतना ही नहीं शव पैतृक गांव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं मिली। सूचना पर गांव से अन्य परिजन निजी वाहन से आए और शव लेकर गए।
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मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज
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मूल रूप से मिर्जापुर निवासी अवधेश कुमार दादा नगर स्थित एक फैक्ट्री में काम करते थे। यहां किराये पर अकेले रहते थे। मंगलवार को उनकी तबीयत खराब हुई। बारासिरोही सीएचसी में एंटीजन जांच कराई तो पॉजिटिव निकले।
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इलाज के लिए दर दर भटक रहे मरीज
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सीएचसी से दवा लेकर कमरे पर आ गए और घर वालों को सूचना दी। बुधवार सुबह बेटा शिवम और पत्नी शहर आ गए। गुरुवार सुबह तबीयत ज्यादा खराब होने पर बेटे ने अस्पताल में भर्ती कराने के लिए 108 पर फोन किया, पर कोई जवाब नहीं मिला।
कोरोना पॉजिटिव जानकर कोई प्राइवेट वाहन वाला भी नहीं तैयार हुआ। इसके बाद शिवम ने कोविड कंट्रोल रूम का फोन लगाया तो अस्पताल में बेड न खाली होने का जवाब मिला। इस बीच अवधेश तबीयत बिगड़ती गई और शाम को उनकी मौत हो गई।