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जम्मू-कश्मीर में लागू हुआ भारत का संविधान, ऐतिहासिक पलों का गवाह बना कानपुर, बेहद खास किस्सा

Mon, 05 Aug 2019 04:49 PM IST
शिखा पांडेय शिखा पाण्डेय, अमर उजाला, कानपुर
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
आज जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान लागू हो गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर से संबंधित संविधान (जम्मू कश्मीर में लागू) का आदेश 2019 जारी किया, जो राज्य में भारत का संविधान लागू करने का प्रावधान करता है। इस ऐतिहासिक फैसले से पूरे देश के साथ ही कानपुर में भी खुशी का माहौल है। पढ़िए ऐतिहासिक फैसले का क्या है कानपुर कनेक्शन,,,
 
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
बताते चलें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मूल रूप से कानपुर देहात के परौंख गांव के रहने वाले हैं। कानपुर उनका गृह जनपद है। राष्ट्रपति कोविंद का जन्म कानपुर देहात जिले की तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में 1 अक्टूबर 1945 को हुआ था। कोविन्द का संबंध कोरी या कोली जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है।

राष्ट्रपति कोविंद कानपुर के डीसी लॉ कॉलेज में पढ़ चुके हैं। उनके अध्यापक सुमन निगम ने उन्हें एक सुझाव दिया था। निगम चाहते हैं कि उनके शिष्य सबसे पहले गौ रक्षा के नाम पर होने वाली कथित हत्याओं पर लगाम लगाएं। 
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
सुमन निगम ने कोविंद के राष्ट्रपति बनने पर कहा था कि सरकार के कई फैसले देश के लिए ठीक नहीं है। एक ताजा उदाहरण है जीएसटी। गरीब आदमी, जैसे सब्जी बेचने वाला भी इसके दायरे में आ गया है। कोविंद को सरकार को अच्छे सुझाव देने चाहिए जिससे सबका भला हो।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के लाल राष्ट्रपति कोविंद ने संविधान (जम्मू-कश्मीर में लागू) आदेश 2019 जारी किया जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। यह जम्मू कश्मीर में लागू आदेश 1954 का स्थान लेगा। इसमें कहा गया है कि संविधान के सभी प्रावधान जम्मू कश्मीर राज्य में लागू होंगे।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
जिस व्यक्ति को राज्य की विधानसभा की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा जम्मू एवं कश्मीर के सदर ए रियासत, जो स्थानिक रूप से पदासीन राज्य की मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य कर रहे हैं, के रूप में स्थानिक रूप से मान्यता दी गई है, उनके लिए निर्देशों को जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देश माना जाएगा।

इसमें कहा गया है कि उक्त राज्य की सरकार के निर्देशों को, उनकी मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य कर रहे जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देशों को शामिल करता हुआ माना जाएगा।

धारा 370 खत्म
– दोहरी नागरिकता खत्म
– अलग झंडा नहीं रहोगा
– तिरंगे का अपमान अपराध होगा
– सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू होंगे
– केंद्र सरकार के कानून लागू होंगे
– अल्पसंख्यकों को आरक्षण मिलेगा
– बाहरी निवेश बढ़ेगा
– महिलाओं को समानता का अधिकार
– अन्य राज्यों के लोग खरीद सकेंगे संपत्ति
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