कांग्रेस नेता पूर्व विधायक अजय कपूर के किसी दूसरी पार्टी में जाने की अटकलें फिलहाल टल गई हैं। कांग्रेस ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाकर बिहार में लोकसभा चुनाव का प्रभारी बना दिया है। उनके मनोनयन पत्र में लिखा है कि उनकी राष्ट्रीय सचिव और बिहार प्रभारी के रूप में नियुक्ति तत्काल प्रभाव से मानी जाएगी। अजय कपूर को बिहार का प्रभारी बनाने से यह तय हो गया कि कांग्रेस उन्हें कानपुर और अकबरपुर में प्रचार के लिए नहीं रखना चाहती है क्योंकि कानपुर के बड़े कांग्रेसी नेताओं से उनका 36 का आंकड़ा है। अजय कपूर ने राहुल गांधी का अपने इस मनोनयन के लिए आभार जताया है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
अजय कपूर
अजय कपूर के दूसरी पार्टी में जाने की खबरों पर विराम लगने के बाद कई भाजपा नेताओं ने भी राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि जिस दिन से अजय कपूर के अमित शाह से मिलकर भाजपा ज्वाइन करने की चर्चा उठी थी, उसी समय से भाजपा के कुछ नेता जो अजय कपूर के आने से सीधे प्रभावित होने वाले थे, वे नाखुश थे।
विज्ञापन
3 of 5
राहुल गांधी
दरअसल अजय के भाजपा में आने की जो शर्तें बताई जा रही थीं, उससे एक ऐसी विधानसभा सीट प्रभावित होने वाली थी, जिसका संबंध सीधे भाजपा से है। इस सीट पर कई लोगों की निगाह है। इसी वजह से अब सबने राहत महसूस की है। उधर, भाजपा के उत्तर इकाई जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने सोशल मीडिया के जरिए अपना बयान जारी किया कि भाजपा में कोई किसी शर्त पर शामिल नहीं किया जाता। किसी को शामिल करने की एक प्रक्रिया है।
4 of 5
श्रीप्रकाश जायसवाल
कांग्रेस से भाजपा में जाने वालों में एक और नाम पर कई दिनों से चर्चा है। वह हैं कांग्रेस के प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल के भाई प्रमोद जायसवाल का। प्रमोद को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच कई दिनों से चर्चा है कि वह पार्टी बदल सकते हैं।
प्रमोद के पास लगातार उनके समर्थकों के फोन पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को प्रमोद ने कहा कि लोगों ने बेवजह की हवा उड़ा रखी है। वह कांग्रेस के सिपाही हैं, जब तक राजनीति में रहेंगे, कांग्रेस में ही रहेंगे।