समाधान दिवस पर जब फरियादियों की शिकायतों का निस्तारण हो रहा था तभी पुलिस की उदारता का भी एक चेहरा सामने आया। मामला चित्रकूट जिले का है।
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डेमाे पिक
चित्रकूट के मानिकपुर में अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में जन शिकायतें सुनी जा रही थी कि इसी बीच ग्राम सकरौंहा के रामदीन कुशवाहा की पुत्री कोमल आई और उसने बताया कि उसके परिजन उसे पढ़ने लिखने से मना कर रहे है जबकि वह इंटरमीडिएट की परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किये हैं। दो वर्षों से उसके परिजनों ने कपडे़ नहीं दिलाये। जिससे वह कुंठित हो रही है। यह सुनते ही पूरे थाना परिसर में सन्नाटा पसर गया।
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मौके पर मौजूद अपर एसपी ने पढ़ने की जिज्ञासा को देखते हुये मानवीय दृष्टिकोण से आश्वासन दिया कि आगे की पढ़ायी कराई जाएगी। जिसमें पुलिस विभाग हर संभव मदद करेगा ।
कुछ देर बाद अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत कुमार चौधरी ने उसे ढांढ़स बंधाया और शिक्षण कार्य जारी कराने का भरोसा दिया। थानाध्यक्ष केपी दुबे ने नए कपड़े खरीदकर युवती को दिए।