इटावा जिले में ताखा तहसील क्षेत्र के कुरखा के ग्राम नगला मेहरा में स्कूल ना होने के कारण गांव के करीब 40 बच्चों को पुरा नदी को पार कर स्कूल आना-जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव की आबादी 800 के करीब है।
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स्कूल जाने के लिए मौत के मुंह से निकल रहे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
करीब 40 बच्चे पुरा नदी के पार गांव दीग में बनी आंगनवाड़ी प्राथमिक पाठशाला से लेकर उच्च प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने उसी गांव में जाते हैं लेकिन उस गांव में जाने के लिए जस्सी एक्सप्रेस वे बना है।
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स्कूल जाने के लिए मौत के मुंह से निकल रहे बच्चे
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हमारे गांव का संपर्क मार्ग टूट गया है। अगर हमारे बच्चे स्कूल जाने के लिए सड़क मार्ग से जाएं तो लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है और अगर नदी पार करके जाएं तो 2 किलोमीटर की दूरी है, लेकिन इस रास्ते से बच्चों का अकेले जाना-आना खतरे से खाली नहीं है।
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स्कूल जाने के लिए मौत के मुंह से निकल रहे बच्चे
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इसलिए हम सभी अपने बच्चों को लेकर सुबह कंधे पर बैठाकर नदी पार कराते हैं और छुट्टी होने पर वैसे ही बच्चों को घर लेकर आते हैं। ग्रामीण श्रीकृष्ण, अजय कुमार, महेश चंद्र, सुधीर, प्रदीप कुमार, संतोष कुमार, शिवप्रताप सिंह, महेश बाबू आदि ने कहा कि हम लोग कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या के बारे में बता चुके हैं।
स्कूल जाने के लिए मौत के मुंह से निकल रहे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
अभी तक हमारी समस्या का न ही समाधान हो पाया है और ना ही गांव में स्कूल बना। जबकि ग्राम पंचायत की जमीन को स्कूल बनाने की बात कही जा रही थी लेकिन अभी तक स्कूल नहीं बनवाया गया। गांव के बच्चे खतरों का सामना कर स्कूल पढ़ने जाते हैं। बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर गांव में स्कूल बनना चाहिए लेकिन आज भी यहां के लोग विकास का रास्ता देख रहे हैं।