पीड़िता का चाचा
किशोरी के चाचा ने बताया कि माखी पुलिस थाना केवल कहने भर को पुलिस थाना है। वैसे वहां विधायक व उनके गुर्गो के लिए डाकखाना की तरह काम होता है। पीड़ित किशोरी के चाचा ने बताया कि दिल्ली में रहते हुए उसपर आधा दर्जन झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए और वांछित अपराधी घोषित कर पुलिस गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए। जबकि जिस समय मुकदमे दर्ज हुए वह शहर तो क्या उत्तर प्रदेश में ही नहीं था। यही नहीं गिरफ्तारी में न्यालाय से रोक (स्टे) लेने के बाद भी दरोगा दिल्ली पहुंच गया और उसके साथ मारपीट की।
किशोरी के चाचा का आरोप है कि माखी थाने में वही होता है जो माननीय या उनके लोग चाहते हैं। मारपीट कर सताए व्यक्ति को ही अवैध तमंचा, मादक पदार्थ, कच्ची शराब या शांतिभंग के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना इस पुलिस थाने का दस्तूर है।