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सीएए का विरोध: धरने पर बैठी थीं महिलाएं, रात में अचानक आए हजारों समर्थक, पुलिस ने पटकी लाठियां

Wed, 22 Jan 2020 07:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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धरने पर बैठीं मुस्लिम महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
इटावा में सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध में शहर की मुस्लिम महिलाएं दोपहर को पुराना अस्पताल गेट पर धरने पर बैठ गईं। रात करीब दस बजे उनके समर्थन में हजारों की संख्या में भीड़ अचानक से जुट गई। जाम लगने और स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस को लाठियां पटकनी पड़ीं।

 
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हजारों की भीड़ एकत्र होने पर पुलिस को पटकनी पड़ी लाठियां - फोटो : अमर उजाला
सीएए के विरोध में शहर की करीब 100 मुस्लिम महिलाएं पोस्टर, गांधी और आंबेडकरजी के फोटो लेकर मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे घरों से निकलीं। ये महिलाएं पुराना अस्पताल के गेट पर धरने पर बैठ गईं। मौके  पर पहुंचे अधिकारियों ने धारा 144 के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी लेकिन महिलाएं टस से मस नहीं हुईं।

 
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धरने पर बैठीं मुस्लिम महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शन के कारण शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। आलम यह था कि पचराहा के पास मेडिकल केयर यूनिट के समक्ष भूरा, चमरैटी, कस्साबखाना, पचराहा, शाहग्रान मोहल्ले की महिलाएं चार-छह की संख्या में धीरे धीरे इकट्ठा हुईं। धरना स्थल बिछाने के साथ पर पीने के पानी के डिब्बे पहले से रख दिए गए थे। करीब आधा घंटे में ही एक सैकड़ा महिलाएं जमा हो गईं।

 

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महिलाओं तक पुलिस को जाने से रोकने के लिए खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिलमणि त्रिपाठी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। दोपहर तीन बजे तक सीओ सिटी वैभव पांडेय व सदर तहसीलदार एन राम भी मौके आ गए। सीओ सिटी ने हैंड पीस लाउडस्पीकर से महिलाओं को धारा 144 लागू होने और बगैर परमीशन प्रदर्शन किए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। महिलाओं पर इसका कोई असर नहीं हुआ। बल्कि आसपास मोहल्लों से महिलाओं के आने का क्रम बना रहा।
 
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भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी - फोटो : अमर उजाला
शाम 4 बजे के आसपास एएसपी सिटी रामयश सिंह व सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र नाथ शुक्ला भी पहुंच गए। महिलाओं को समझाया लेकिन नतीजा शून्य रहा। रात करीब आठ बजे महिलाओं के समर्थन में लोग आने शुरू हो गए। साढे़ नौ बजे के करीब छह हजार से ज्यादा की भीड़ धरनास्थल पर मौजूद थी। इसमें तीन हजार से ज्यादा महिलाएं और इतनी संख्या में पुरुष थे। दस बजे के करीब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठियां पटकना शुरू कर दिया।
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