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कानपुर में 10 दिन पहले ही बोये जाने लगे थे हिंसा के बीज, खुफिया विभाग की जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Sun, 22 Dec 2019 12:26 PM IST
शिखा पांडेय सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में हुई हिंसा के बीज 10 दिन पहले ही बोये जाने लगे थे और पुलिस व इंटेलीजेंस एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। कई क्षेत्रों में भड़काऊ पर्चेे बांटे गए। भाषणों से लोगों को उकसाया गया। हिंसा होने के बाद अब खुफिया विभाग ने इस बात का जिक्र करते हुए जांच रिपोर्ट शासन को भेजी है। कई लोगों पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
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कानपुर में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद से देश भर में धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। शहर में धारा- 144 लागू होने के बाद भी धरना-प्रदर्शन होते रहे। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया  गया, लेकिन बगैर कार्रवाई के छोड़ दिया गया। इस बीच शहर के कई क्षेत्रों में जाकर कई लोग पिछले दस दिन से लोगों उकसाते रहे। जिसका नतीजा यह हुआ कि शुक्रवार को जुमे की नमाज खत्म होते ही विरोध जुलूस में शामिल लोगों ने हिंसा शुरू कर दी।
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कानपुर में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
बाहरी लोग भी शामिल
एडीजी प्रेम प्रकाश ने बताया कि लखनऊ बवाल में छह बांग्लादेशी पकड़े गए हैं। यह जानकारी मिली है कि शहर में भी कुछ बाहरी लोग आए हैं। जो हिंसा में शामिल हैं और लोगों को भड़का रहे हैं।

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कानपुर में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
फेसबुक पर भड़काऊ पोस्ट
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर के कुछ लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में फेसबुक पर कई भड़काऊ पोस्ट किए। पुलिस ने ऐसे 27 लोगों को चिह्नित किया है। कुछ नेता भी पुलिस की रडार पर हैं। एसएसपी ने बताया कि इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
पर्चे से दिया संदेश
हिंसा होने के बाद जागी एलआईयू ने जानकारी जुटाई, तो पता चला कि चार दिन पहले कई क्षेत्रों में पर्चे बांटे गए। जिनमें जुमे की नमाज के बाद इकट्ठा होने की बात कही गई थी। साथ ही उसमें भड़काऊ संदेश भी लिखा था। एलआईयू अगर पहले जाग गई होती, तो शायद यह नौबत न आती।
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