कानपुर के बड़े कारोबारी नीरज जैन के घर सोमवार सुबह लगी भीषण आग की वजह शॉर्ट सर्किट नहीं थी। जी हां पुलिस शुरुआती जांच में जिस बात का हवाला दे रही थी वो बात आखिर गलत साबित हुई। मामले की जांच करने पहुंची फोरेन्सिक टीमों ने ये पता लगा लिया है कि आग लगने का कारण कोई शॉर्ट सर्किट नहीं था। यही नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बड़ा खुलासा हुआ है। नीरज जैन (45) उनकी मां मेमरानी देवी (70), पत्नी शिल्पी (38) और बेटे उज्जवल (17) की मौत दम घुटने से हुई थी।
विज्ञापन
शॉर्टसर्किट होता तो एमसीवी नीचे जरूर गिर जाती
2 of 5
आग से जला घर का सामान
फोरेन्स टीम ने घर के अंदर जांच में पाया कि एसी से कोई शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ। अगर शॉर्ट सर्किट होता तो मेन मीटर के पास लगी एमसीवी नीचे जरूर गिर जाती। जांच के दौरान एसी में भी कोई प्रॉब्लम नहीं समझ में आई। वहीं मृतक उज्जवल के मामा और नीरज के ब्रदर इन ला अंकित अग्रवाल का कहना है कि गर्मी इतनी ज्यादा है कि एसी के बिना उज्जवल नहीं सो सकता। उसे एक मिनट भी एसी बंद करना नहीं पसंद है। हादसे के पीछे जरूर बड़ी साजिश है। चारों की हत्या की गई है। वहीं नीरज की पत्नी शिल्पी के पिता परमानंद ने भी इस घटना को हादसा नहीं हत्या करार दिया है।
विज्ञापन
3 of 5
रिश्तेदारों की मौत की खबर सुनकर बेहोश हुईं महिलाएं
रिश्तेदारों की मौत की खबर सुनकर वहां मौजूद दो महिलाएं बार-बार बेहोश हुई जा रही थीं। वहीं नीरज जैन की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी मालिक और उसके परिवार की लाशें देखकर फूट-फूटकर रो रहे थे। कारोबारी नीरज जैन के भाई तिलराज जैन की मानें तो पुलिस का रवैय्या भी ठीक नहीं रहा। आग लगने की सूचना रात को 3 बजे ही 100 नंबर पर पड़ोसियों ने दी लेकिन वहां से जवाब आया कि ये हमारा क्षेत्र नहीं है। अगर समय पर पुलिस या फायरब्रिगेड पहुंच जाती तो शायद घर के अंदर मौजूद किसी एक सदस्य की जान बच सकती थी।
4 of 5
रोते-बिलखते मृतक नीरज जैन के कर्मचारी और रिश्तेदार
अग्निकांड की ये घटना किसी के गले से नीचे नहीं उतर रही है। हर किसी के मुंह से बस यही सुनने को मिल रहा है कि अगर इतनी भयंकर आग लगी थी तो किसी की कोई आवाज क्यों नहीं आई। ये भी कहा जा रहा है कि किसी ने आग पहले से ही अंदर लगा दी होगी और बाद में पीछे के दरवाजे से भाग गया होगा।
एसएसपी सोनिया सिंह कारोबारी नीरज जैन के घर पहुंचीं
एसएसपी सोनिया सिंह कारोबारी नीरज जैन के घर पहुंचीं, यहां उन्होंने हर जगह का मौका मुआयना किया। इस भीषण अग्निकांड में नीरज जैन का पूरा परिवार ही खत्म हो गया। अब बस उनकी छोटी बेटी ही बची है अभी तक उसे हादसे के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया।