माैत कब अाैर कहां अा जाए यह किसी काे पता नहीं हाेता। कानपुर के जाजमऊ इलाके में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महताब अालम के निर्माणाधीन छह मंजिला अपार्टमेंट में काम करने वाले मजदूराें के साथ भी कुछ एेसा ही हुअा। बिल्डिंग गिरने से कई जानें चली गईं बचीं ताे चाराे अाेर दिल दहला देने वाली चीखें... काेई अपने बच्चे के लिए ताे किसी का सुहाग अंदर दबा हुअा था।
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मौके पर दिखे अपनों के लिए बिलबिलाते चेहरे
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बिल्डिंग के मलब तले दबी अपनी भतीजी के लिए रोती हुई महिला
जाे इस बड़ी घटना में बचे उनकी भयभीत नजरें पूरी कहानी बयां कर रही थीं। छत्तीसगढ़ की कुसुम ने बताया कि अचानक धुंअा का एेसा गुब्बार फूटा कि अांखाें के सामने अंधेरा सा ही छा गया। कुसुम की तीन माह की बच्ची अाैर उसका पति अंदर मलबे में फंसे हुए थे। उसके अांखाें से निकलते अांसू रूकने का नाम नहीं ले रही थी। यह दर्द जिसने भी सुना वह अपनी अांख से अांसू राेक न पाया।
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मलबे तले दबे अधिकतर मजदूर छत्तीसगढ़ के
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कानपुर के जाजमऊ में बिल्डिंग गिरने के बाद जमा हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
ये लोग मलबे के पास ही जमा हैं। इनमें ज्यादातर वे लोग है जों निर्माणाधीन बिल्डिंग में ही काम पर लगे हुए थे। इनमें अधिकतर छत्तीसगढ़ के मजदूर है।अपनों की उम्मीद में खड़े ये लोग लगातार रो रहे हैं। घायलों के निकालने का काम लगातार जारी है। जिन्हें बाहर निकाला जा रहा है, ये उन्हें देखने के लिए दौड़ रहे है। इस आस में कि कहीं उनका अपना तो नहीं।
भारतीय सेना कि तीन टुकड़ियां बचाव कार्य जुटी
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राहत बचाव कार्य के लिए भारतीय सेना की तीन टुकड़ियां मौके पर
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
भारतीय सेना कि तीन टुकड़ियां बचाव कार्य में जुटी है अाैर माेर्चा संभाल लिया है। वहीं बनारस अाैर लखनऊ से एनडीअारएफ की टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हाे चुकी है। बताया जा रहा है कि रात भर बचाव कार्य जारी रहेगा। डिआइजी राजेश मोदक ने सात लोगों की मौत की पुष्टि की है।
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मलबा ज्यादा होने के कारण बुलवानी पड़ी क्रेन
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घटना स्थल पर क्रेन बुलवाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
मलबा ज्यादा होने के कारण क्रेन की भी मदद ली गई है। इतना मलबा हटाने में खासा वक्त लगेगा। जानकारी मिली है मलाबे हटाने का काम देर रात तक लगातार जारी रहेगा। वहीं घायलों को अस्पताला ले जाने के लिए आसपास के अस्पतालों की एम्बूलेंस सेवा को लगा दिया गया।
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घायलों को ई रिक्शा में लादकर पहुंचाया अस्पताल
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घायलों को ई रिक्शा में लादकर ले जाया गया अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
शुरुआत में जल्दबादी में कुछ घायलों को ई रिक्शा में लादकर अस्पताल पुहंचायां गया। दरअसल तब तक कोई एम्बूलेंस नहीं पहुंची थी। इसलिए लोगों ने खुद मौके पर राहत बचाव का कार्य किया।
हादसे की सूचना मिलते ही डॉक्टरों के लिए फोर्स अलर्ट हुआ जारी
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हैलेट के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
वहीं हैलेट में डॉक्टरों के लिए फोर्स अलर्ट जारी भेजा गया है। अस्पताल में 25 घायलों को लाए जाने की खबर मिली है। फिलहाल कोई घायल अभी तक अस्पताल नहीं लाया गया है। वहीं उर्सला अस्पताल में दो शव पहुंचने की खबर मिली है।