बीमार पिता को रिक्शे पर लिटाकर ले जाती किशोरी।
तमाम प्रयासों के बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेपटरी साबित हो रही हैं। फोड़े के कारण कई दिनों से बीमार चल रहे पल्लेदार ने गुरुवार सुबह दवा खाई तो उसका रिएक्शन हो गया। हालत इतनी बिगड़ी कि घर पर मौजूद उसकी पत्नी और बच्चों में चीख पुकार मच गई। 108 नंबर मिलाया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। कई बार के प्रयास के बाद भी जब बात नहीं हो सकी तो मजबूर बच्चे अपने पिता को रिक्शे पर लिटाकर अस्पताल को चल दिए। जिला अस्पताल दूर था इसलिए सरायमीरा के एक डॉक्टर से इलाज कराया।
कन्नौज शहर के मानपुर मोहल्ला निवासी शेर सिंह (45) पल्लेदारी करता है। करीब 15 दिनों से उसकी कमर में फोड़ा है। उसने जिला अस्पताल में इलाज कराया। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसने एक प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराना शुरू किया। शेर सिंह की पत्नी रेखा ने बताया कि सुबह पति ने दवा खाई तो उनकी हालत बिगड़ गई। पति कुछ बोल नहीं पा रहे थे। यह देख घर में चीख पुकार मच गई। अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस पर कॉल की गई लेकिन फोन नहीं उठ सका।