फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांगी थी मन्नतें, बुझ गया चिराग: चार बेटियों के बाद हुआ था ऋषभ, बदहवास मां बोली- लाड़ला था...किसको दुलार करेंगे

Wed, 19 Jul 2023 11:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 8
Kanpur Accident - फोटो : अमर उजाला

कानपुर के शंभुआ में डंपर की टक्कर से जान गंवाने वाला राकेश का इकलौता बेटा ऋषभ (05) चार बहनों के बीच इकलौता भाई था।वह बड़ी मिन्नतों के बाद पैदा हुआ था। मां सुशीला ने बताया कि बेटे के लिए वह कई मंदिर गई और वृत रखे। तब जाकर छोटी बेटी के पैदा होने के तीन साल बाद ऋषभ पैदा हुआ था।

सबसे छोटा होने की वजह से ऋषभ सबका दुलारा था। हादसे में मृत उसकी बहन कशिश का सबसे ज्यादा दुलारा था। मां ने बताया कि कशिश टीचर बनना चाहती थी।  वह कहती थी कि टीचर बनकर सबको अच्छाई का पाठ पढ़ाएगी। हालांकि एक हादसे ने दोनों की जान ले ली।  

बड़ी बेटी मधु ने रूंधे गले से बताया कि छोटी होने के बाद भी उसकी बातें बड़ी रहती थीं। पढ़ाई से लेकर भाई को स्कूल ले जाने के दौरान भी वह सजग रहती थी। वहीं बहनों छाया, अनामिका का भी रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डंपर की स्पीड काफी तेज थी।

विज्ञापन

2 of 8
Kanpur Accident - फोटो : अमर उजाला

ग्रामीणों ने सात किलोमीटर तक किया पीछा
साथ ही वह गलत साइड से दूसरे ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। अगर वह ऐसा न करता तो हादसा न होता। हादसे के बाद चालक डंपर समेत भाग निकला। हालांकि ग्रामीणों ने घटनास्थल से करीब सात किलोमीटर दूर तक पीछा किया और आखिर में पतारा कस्बे से पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।

विज्ञापन

3 of 8
Kanpur Accident - फोटो : अमर उजाला
इन मांगों पर अड़े थे ग्रामीण
मजदूर पिता की तीन अन्य बेटियों की पढ़ाई और जीवन यापन के लिए तीन बीघा जमीन, तीनों बच्चियों के नाम पर 30 लाख रुपये और एक आवास की मांग की। घंटों चले हंगामे के बाद एसडीएम सदर अभिनव गोपाल, एसडीएम घाटमपुर रामानुज, तहसीलदार रितेश कुमार मौके पर पहुंचे।

4 of 8
Kanpur Accident - फोटो : अमर उजाला
डिवाइडर व स्पीड ब्रेकर का निर्माण कार्य शुरू
एसडीएम सदर को मुआवजे की मांगें लिखित में दी। एसडीएम ने मांगपत्र शासन को पहुंचाने और मुआवजे का भरोसा दिलाकर शांत कराया तब दोनों शव हटाए जा सके। इस दौरान आरओबी के दोनों तरफ व बस्ती वाले क्षेत्र में पीएनसी कंपनी ने डिवाइडर व स्पीड ब्रेकर का निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया।
विज्ञापन

5 of 8
Kanpur Accident - फोटो : अमर उजाला
जाम के बीच अधिकारी की रोकी गाड़ी, पुलिस से नोकझोंक
गुस्साए स्वजन और ग्रामीणों ने जाम लगाने के दौरान घाटमपुर से गैर जनपद के आईएएस अधिकारी की गाड़ी भी रोक ली। पुलिसकर्मियों ने लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नहीं माना। इससे उनकी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई, लेकिन भीड़ ने अधिकारी की गाड़ी वापस करवा दी।
विज्ञापन

6 of 8
Kanpur Accident - फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर रोड़ पर दिन रात फर्राटा भरते भारी वाहनों से आए दिन दिन सड़क हादसे होते हैं। हाईवे पर डिवाइडर न होने से लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। हर हादसे के बाद डिवाइडर की मांग उठती है, लेकिन कुछ काम नही होता है।  -राममोहन यादव, ग्रामीण
विज्ञापन

7 of 8
Kanpur Accident - फोटो : अमर उजाला
बिधनू क्षेत्र में आए दिन हाईवे पर सड़क हादसों में मौत की खबर आती है, लेकिन इन हादसों को रोकने के लिए शासन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस काम नहीं किया गया। मौरंग और गिट्टी लदे हजारों की वाहन हाईवे से गुजरते हैं। जब तक आबादी वाले क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर नहीं बनेंगे। हादसे नहीं रुकेंगे।  -मनोज कुमार, एडवोकेट
विज्ञापन

8 of 8
Kanpur Accident - फोटो : अमर उजाला
हाईवे पर जुलाई में हुए हादसे
  • 5 जुलाई को बिनगवां मौरंग मंडी के पास ट्रक की टक्कर से ममेरे भाइयों की मौत।
  • 9 जुलाई बिनगवां नमक फैक्ट्री के पास डंपर की टक्कर से साइकिल सवार बुजुर्ग शिक्षक की मौत।
  • 10 जुलाई माधवबाग बाजार के पास गंगा नहाने जा रहे बाइक सवार तीन लोगों की ट्रैक्टर ट्राली से टकराकर मौत।
  • 13 जुलाई को शंभुआ गांव के पास आरओबी के नजदीक डंपर की टक्कर से शुक्लागंज निवासी स्कूटी सवार की मौत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें