टूटे दांत फिर से जुड़ जाएंगे बशर्ते जरूरी हैं ये 5 सावधानियां
Mon, 09 Apr 2018 10:53 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
सार
- हादसे में टूटा दांत मुंह में रखकर डॉक्टर के पास जाएं
-पानी से धोना या साफ नहीं करना चाहिए, नसें क्षतिग्रस्त हो जातीं
-माता-पिता के दांत टेढ़े हों तो बच्चों में भी यही समस्या हो सकती
-इंडो कॉन-2018 के अंतिम दिन कानपुर में डॉक्टरों ने दी जानकारी
अगर हादसे में दांत टूट जाए तो उसे पानी से धोए-साफ किए बिना तुरंत मुंह में डाल लें या साफ पानी अथवा दूध में डाल लें और लेकर डेंटल सर्जन के पास पहुंच जाएं तो उसी दांत को पूर्ववत लगाया जा सकता है। अगर दांत को पानी से धो डाला या किसी चीज से साफ कर दिया तो उसकी महीन नसें क्षतिग्रस्त या टूट सकती हैं, इसलिए धोना नहीं चाहिए। ये जानकारी कानपुर में आयोजित इंडो कॉन - 2018 कार्यक्रम में दी गई।
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इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) की तरफ से कानपुर के होटल विजय इंटरनेशनल में रूट कैनाल पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के अंतिम दिन करियर डेंटल कालेज, लखनऊ के प्राचार्य डॉ. प्रद्युम्न मिश्रा ने बताया कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में प्रगति से अब टूटा हुआ दांत भी पुन: लगाया जा सकता है। इसके लिए हादसे के दौरान गिरे दांत को उसी स्थिति में लेकर तुरंत डेंटल सर्जन के पास पहुंचना चाहिए। उन्होंने बताया कि बोतल से दूध पीने, अंगूठा चूसने या मुंह खोलकर सोने से दूध के दांत बाहर की तरफ होने लगते हैं। यदि माता, पिता या दोनों के दांत टेढ़े-मेढ़े या बाहर की तरफ निकले हों तो बच्चे में भी ऐसा हो सकता है।
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इसलिए 8-9 साल की उम्र में बच्चे के पक्के दांत निकलते समय ही उपचार कराना चाहिए। 11-12 साल तक हड्डी नाजुक होती है, तब दांतों को ठीक स्थिति में लाना आसान होता है। टीनएज में दांत टेढ़े-मेढ़े हों या उनके बीच में स्पेस (दूरी) हो तो भी बत्तीसी अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की तरह आकर्षक की जा सकती है।
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वरिष्ठ डेंटल सर्जन डॉ. एके मेहरोत्रा ने बताया कि तमाम युवतियां शादी का हवाला देकर बाहर की तरफ निकले दांत ठीक कराने आती हैं, तब तक देर हो चुकी होती है। इंडियन डेंटल एसोसिएशन, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. अनिल धींगरा के अनुसार अब खराब से खराब दांत बचाना संभव हो गया है। टूटे दांत भी ठीक किए जा सकते हैं।
माता-पिता के दांत टेढ़े हों तो बच्चों में भी यही समस्या हो सकती है। बाबू बनारसी दास डेंटल कालेज के प्रोफेसर डॉ. एनके गुप्ता, गाजियाबाद की डॉ. विनिषा पांडेय, नासिक के डॉ. मंदार पिंपरिकर, जोधपुर के डॉ. अफजर अली ने भी जानकारी दी। अध्यक्षता डॉ. नीरज सोनी ने और संचालन डॉ. अभिनव मिश्रा, डॉ. गौरी मिश्रा ने किया। डॉ. अवधेश कुमार तिवारी, डॉ. प्रदीप वर्मा, डॉ. राहुल तांगड़ी, डॉ. आशीष भल्ला आदि शामिल रहे। कार्यशाला के दौरान दंत चिकित्सा में उपयोगी चिकित्सा उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगी।