सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक से हो रही लोगों की मौत
दरअसल, ठंड लगने से उच्च रक्तचाप के मरीजों की दिमाग की नस फट जाती है। इससे सिर में ब्लीडिंग होती है। जितना ज्यादा बीपी होगा, नसें उतनी ज्यादा फटती हैं और ब्लीडिंग भी उतनी ही ज्यादा होती है। यदि ब्लीडिंग 60 मिलीलीटर से ज्यादा होती है तो मरीज की जान बचने की संभावना नगण्य हो जाती है। ब्रेन स्ट्रोक के ज्यादातर मरीजों में बीपी, दमा, किडनी, लिवर आदि बीमारियों से भी जान जाने का खतरा बढ़ जाता है।
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