उन्नाव जिले के आसीवन थाना क्षेत्र में सोमवार को सड़क हादसे में पिता-पुत्र व अजगैन में चाची-भतीजी की मौत के दूसरे दिन पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। शव देख परिजन बिलख उठे। मौके पर मौजूद गांव के लोग भी आंखों से आंसू रोक नहीं पाए।
अंतिम दर्शन के बाद कोविड नियमों के तहत शवों का अंतिम संस्कार किया गया। आसीवन के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के ओसिया गांव निवासी दीप नारायण द्विवेदी (50) सोमवार को अपने पुत्र आंनद (20) के साथ बाइक से बाराबंकी दवा लेने गया था।
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पिता-पुत्र व चाची-भतीजी के शव घर पहुंचने पर कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
घर लौटते समय लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर आसीवन थाना क्षेत्र के आवागोझा गांव के पास वैन की टक्कर से दीपनारायण की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि बेटे आनंद ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। मंगलवार को पिता-पुत्र के शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। पत्नी सुषमा पति व बेटे का शव देख बेसुध हो गई। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। आनंद पांच भाइयों में सबसे छोटा था।
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पिता-पुत्र व चाची-भतीजी के शव घर पहुंचने पर कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, अजगैन थाना क्षेत्र से 200 मीटर दूर रेलवे क्रॉसिंग के निकट सोमवार की रात ट्रक की टक्कर से बाइक सवार इसी थाना क्षेत्र के छेड़ा गांव निवासी ननचा देवी (58) पत्नी हरिनाम लोधी व पड़ोस में रहने वाली रिश्ते की भतीजी रामप्यारी (30) पत्नी हेमराज की मौत हो गई थी।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजन
- फोटो : अमर उजाला
ननचा देवी अपने बेटे महेंद्र की बाइक से भतीजी रामप्यारी के साथ बेटी की डिलीवरी होने पर उसे देखने बिछिया गांव गई थी। देर रात घर लौटते वक्त ट्रक चाची-भतीजी के जीवन का काल बन गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव जैसे ही घर पहुंचे कोहराम मच गया।
पिता-पुत्र व चाची-भतीजी के शव घर पहुंचने पर कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
ननचा देवी के पति हरिनाम ने बताया कि उसके तीन बेटों में बड़े बेटे राजेश की 5 साल पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। अभी इस दर्द को वह भूल भी न पाया था कि पत्नी दुनिया से अलविदा कह गई। पत्नी के शव से लिपटकर वह बिलख उठा। घटना के बाद से मददगार बने ग्राम प्रधान के पति सतीश त्रिपाठी ने परिजनों को ढांढस बंधाया। अंतिम दर्शन के बाद शवों का कोविड नियमों के तहत जाजमऊ गंगा तट पर अंतिम संस्कार किया गया।