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यूपी की इस सीट पर भाजपा की खास नजर, अखिलेश-मायावती और कांग्रेस में इस बात से मची है खलबली

Mon, 15 Apr 2019 01:12 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पीएम मोदी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती - फोटो : गूगल
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में जीत दर्ज करने के लिए राजनीतिक दलों की अहम रणनीति होती है। सभी राजनीतिक दलों की निगाह यूपी की सीटाें पर रहती है। ऐसे में दल यूपी में ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटों पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं। यूपी ही नहीं पूरे देश में लोकसभा चुनाव 2019 अपने चरम पर है। 



 
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मायावती, पीएम मोदी, अखिलेश यादव
राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं लेकिन इस सब के बीच भाजपा के चाण्क्य अमित शाह ने यूपी के कानपुर और बुंदेलखंड की सभी सीटों पर एक ऐसा दांव खेला है जिससे सभी विरोधी दल चारो खाने चित हो सकते हैं। शाह की चाल सपा बसपा गठबंधन की गांठ खोलने की फिराक में हैं।

 
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सीएम योगी ,अमित शाह फाइल फोटो
भाजपा नेताओं की मानें तो यूपी में बीजेपी की टक्कर अखिलेश मायावती से होगी। इन सब के बीच भाजपा कांग्रेस को किसी भी मुकाबले में नहीं देख रही है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ कानपुर में हुई बैठक में अमित शाह ने कई अहम फैसले लिए हैं। जो यूपी की राजनीति में भूचाल ला सकते हैं।

 

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बसपा सुप्रीमो मायावती व अमित शाह। - फोटो : amar ujala
अमित शाह का दांव भाजपा को कानपुर और बुंदेलखंड में दस सीटों पर कब्जा दिलाा सकता है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कानपुर-बुंदेलखंड की सभी 10 सीटें इस बार जीतना चाहते हैं। उनकी निगाह में कन्नौज सीट पर जीत हासिल करना प्राथमिकता है। लोकसभा चुनाव संयोजकों और प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों की लोकसभा सीटों पर गठबंधन की स्थिति पर विशेष चौकसी बरतने की हिदायत दी।


 
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राहुल गांधी, पीएम मोदी
उन्होंने पदाधिकारियों से दो तरह की रणनीति पर काम करने को कहा। पहली रणनीति है यह कि जहां-जहां गठबंधन की स्थिति मजबूत है, वहां उन्हें कमजोर कैसे किया जा सके। मजे की बात है कि पूरी समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कांग्रेस को कहीं भी मुकाबले में नहीं रखा। कानपुर की लोकसभा सीट को छोड़कर हर जगह गठबंधन को भी सीधे मुकाबले में रखा गया है।
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