अशाेक दाेहरे
जिसमें दो अप्रैल को एससीएसटी के कानून में फेरबदल के विरोध में भारत बंद कर ऐलान किया गया था, जिसमें आन्दोलन में सभी पार्टियों के लोगों ने हिस्सा लिया। उनके संसदीय क्षेत्र औरैया जनपद के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस पर अजीतमल थाने की पुलिस ने बेवजह भाजपा के दलित समर्थकों को झूठे मुकदमें में फंसा दिया। इससे भारत वर्ष में दलित सामाज में रोष और असुरक्षा की भावना है।