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सुरक्षा न मिलने पर भड़क उठे सांसद साक्षी महाराज, बोले 60 लोगोें की सुरक्षा बढ़ाई गई मेरी क्यों नहीं

Tue, 03 Dec 2019 01:39 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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सांसद साक्षी महाराज - फोटो : अमर उजाला
भाजपा सांसद साक्षी महाराज सोमवार को अपनी सुरक्षा न बढ़ाए जाने को लेकर काफी दुखी नजर आए। अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि 60 लोगों की सुरक्षा बढ़ाई गई, मेरी क्यों नहीं। सुरक्षा को लेकर दो बार मुख्यमंत्री से मिले थे। सांसद ने अंदेशा जताया कि उनके साथ कभी कोई घटना घट सकती है।

 
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सांसद साक्षी महाराज - फोटो : अमर उजाला
कई बार धमकियां मिली हैं। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को लेकर विश्वास भी दिलाया था। सांसद ने कहा कि वह एक बार फिर से मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलकर उन्हें जानकारी दे चुके हैं। बताया है कि रोज धमकियां आती हैं। कभी कुवैत से आती हैं तो कभी दुबई से। कहा कि सारे देश में उनके आश्रम हैं।

 
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सांसद साक्षी महाराज - फोटो : अमर उजाला
सारे देश में हवाई जहाज से जाना पड़ता है। जब जाते हैं तो वहां एक सिपाही भी नहीं होता। तब डर लगता है कि कहीं कोई घटना न घटना जाए। यदि सुरक्षा नहीं बढ़ेगी तो खुद ही कमरे में बंद हो जाएंगे। जान तो प्यारी है, सुरक्षा न बढ़ी तो राजनीति से सन्यास ले लेंगे। सांसद ने बताया कि सबसे पहले सुरक्षा कांग्रेस के राजेश पायलट ने दी थी। तबसे लगभग सुरक्षा मेरे साथ रही है।

 

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सांसद साक्षी महाराज - फोटो : अमर उजाला
इतिहास में अकबर को तो पढ़ाया गया पर राणा प्रताप को नहीं
सांसद ने कहा कि इतिहास में दुर्भाग्य से अकबर महान है, यह तो पढ़ाया गया, लेकिन राणा प्रताप को नहीं पढ़ाया गया। गोडसे ने महात्मा गांधी को मारा यह तो पढ़ाया गया, लेकिन जोरावर फ तेह सिंह को सरहद की दीवारों में किसने चुनाया, यह नहीं पढ़ाया गया। गुरु तेग बहादुर का सर कलम किसने किया यह नहीं पढ़ाया गया। गुरु गोविंद सिंह को किसने मारा यह नहीं पढ़ाया गया। सुभाषचंद्र बोस को किसने मारा, यह नहीं पढ़ाया गया।
 
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सांसद साक्षी महाराज - फोटो : अमर उजाला
भगत सिंह को किसने मारा यह नहीं पढ़ाया गया। कहा कि यह जो कुछ इतिहास के पन्नों में छुपा हुआ है, उससे मुझे लगता है कि हमारी सरकार उसे खोलने का काम करेगी। जबसे देश आजाद हुआ तबसे ही भारतीय संस्कृति व भारतीय इतिहास को दबाने का काम किया गया। बदलने का काम किया गया। चाचा नेहरू के नाम पर बाल दिवस तो मनाया जाता है पर जोरावर फ तेह सिंह के नाम पर क्यों नहीं। जो इस देश के लिए सरहद की दीवारों में चुने गए। यह सब कुछ कांग्रेस करती रही। यही वजह है कि कांग्रेस आज हिंदुस्तान से साफ  है।
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