हमीरपुर में 22 साल पहले हुए सामूहिक हत्याकांड में हाईकोर्ट से सदर विधायक (भाजपा) समेत दस लोगों को उम्रकैद की सजा का आदेश 14वें दिन मुकदमे की पत्रावली के साथ जिला न्यायालय में आया पर उससे पहले ही सामूहिक नरसंहार से जुड़े हुए सभी आरोपी घरों से फरार हो गए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात है कि इस मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद भी आरोपी भाजपा विधायक जनता दरबार सजाता था। इसके बाद वो चकमा देकर फरार हो गया।
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उम्रकैद की सजा पाने वाले भाजपा विधायक अशोक चंदेल
हमीरपुर सामूहिक हत्याकांड मामले में उच्च न्यायालय से दोषी ठहराए गए सदर विधायक समेत नौ अभियुक्तों में से किसी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और न ही किसी को गिरफ्तारी वारंट तामील कराया जा सका है। हालांकि संबंधित तीनों थानों की पुलिस अभियुक्तों के घरों में दबिश दे रही है। मगर सभी अभियुक्त घरों से फरार हैं।
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विधायक अशोक चंदेल
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यालय के सुभाष बाजार के पास करीब 22 वर्ष पूर्व सामूहिक हत्याकांड में एक ही परिवार के तीन लोगों समेत पांच लोगों की गोलियां से भूनकर हत्या हुई थी। हत्याकांड में विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत 11 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी। जिसमें दस आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था।
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विधायक अशोक चंदेल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
निचली अदालत में सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। एक फरार आरोपी रुक्कू ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण किया। जिसे निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इधर हत्याकांड के वादी राजीव शुक्ला ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में अपील दायर की।
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भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल( फोइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
जिसकी लंबी सुनवाई के बाद पिछले 19 अप्रैल को उच्च न्यायालय ने विधायक समेत दस लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। छह अप्रैल को कोर्ट नंबर दो के न्यायाधीश ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए। वारंट जारी होने के बाद अभी तक किसी अभियुक्त को संबंधित थाना पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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सदर विधायक अशोक चंदेल(फाइल फोटो), पुलिस हिरासत में अजय सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि अदालत ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी का समय 13 मई तक नियत किया है। सदर कोतवाल केपी सिंह, कुरारा एसओ केके पांडेय व ललपुरा एसओ बांकेबिहारी ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए लगातार दविश दी जा रही है। मगर अभियुक्त घरों पर नहीं मिल रहे हैं।
इधर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि विधायक व उनके आवास की सुरक्षा में लगे कर्मियों को हटा लिया गया है, जो सिर्फ अफवाह साबित हुई है। एसपी हेमराज मीना ने बताया विधायक व उनके आवास के अलावा पीड़ित पक्ष वादी व उनके आवास की सुरक्षा लगातार की जा रही है।