बिकरू कांड के बाद पुलिस ने अब नया गैंग डी-179 रजिस्टर किया है। गैंग का सरगना हीरू दुबे को बनाया है, जबकि गैंग के शीर्ष बदमाशों में राम सिंह, जिलेदार और गुड्डन को शामिल किया है। तीस से अधिक बदमाश गैंग में हैं। दस नए बदमाश चिन्हित किए हैं जिनके नाम गैंग से जोड़े जाएंगे। विकास दुबे का डी-124 गैंग खत्म हो गया है। उस गैंग के बदमाश नए गैंग में शामिल किये गए हैं। हीरू दुबे बिकरू में मनरेगा का ग्राम रोजगार सेवक था और रिश्ते में विकास दुबे का भतीजा है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
करीब तीन दशक से विकास दुबे का इलाके में दबदबा था। पुलिस ने उसके नाम से गैंग नंबर डी:124 रजिस्टर किया था। अब विकास समेत छह बदमाश मारे जा चुके हैं। गैंग के एक दर्जन से अधिक बदमाश जेल चले गए। इसलिए पुलिस ने उसका गैंग खत्म कर दिया है और नया गैंग डी-179 रजिस्टर किया है। जिनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई है वो भी इसमें शामिल हैं। विकास के गैंग के अन्य लोगों को भी इसमें शामिल किया गया है।
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इसलिए हीरू को बनाया गैंग लीडर
बिकरू कांड में विकास के साथ हीरू दुबे, जिलेदार और राम सिंह की भूमिका सबसे अधिक रही थी। हीरू पर तीन केस दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक हीरू ने पुलिसकर्मियों के असलहे छीनकर सबसे अधिक गोलियां उन पर बरसाई थीं। उसके खूंखारपन को देखकर पुलिस ने उसको सरगना बनाया है।
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- फोटो : अमर उजाला
गैंग में शामिल संजय पर सबसे अधिक केस
गए गैंग में शामिल संजय उर्फ संजू पर सबसे अधिक नौ केस हैं। वह वर्तमान में जेल में बंद है। इसके अलावा विकास के नौकर दयाशंकर अग्निहोत्री और बालगोविंद पर 7-7 केस हैं। शिवम दुबे व गोपाल सैनी पर चार, बीरू व रमेश पर दो, गोविंद सैनी पर तीन समेत अन्य बदमाशों पर तमाम केस संगीन अपराधों के दर्ज हैं।
कानपुर में कुल 159 गैंग
एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि वर्तमान में शहर में कुल 159 गैंग रजिस्टर हैं। इनमें पांच सौ से अधिक अपराधियों के नाम शामिल हैं। सोमवार को उन्होंने सभी गैंग का इतिहास खंगाला। उसके बाद संबंधित थाना क्षेत्र से गैंग से जुड़े एक-एक अपराधी का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने बताया कि नए सिरे से गैंग चार्ट रिवाइज किया जाएगा। नए नाम जोड़े जाएंगे और उन पर कार्रवाई की जाएगी।