उत्तर प्रदेश के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला कुख्यात बदमाश विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है। उसे कल मध्यप्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद यूपी एसटीएफ उसे कानपुर ला रही थी। कानपुर जिले से दो किलोमीटर दूर एसटीएफ की गाड़ी पलट गई। जिसके बाद विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विकास ढेर हो गया।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि दहशतगर्द विकास दुबे सीसीटीवी कैमरों से लैस मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर परिसर में जोर-जोर चीखने लगा कि मैं विकास दुबे हूं..कानपुर वाला, जिससे उसकी गिरफ्तारी जाए और एनकाउंटर से बच जाए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कानपुर के एक वकील के इशारे पर वो चल रहा था। इस तरह नाटकीय ढंग से उसकी गिरफ्तारी की स्क्रिप्ट पहले से ही तय थी।
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गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
दो जुलाई को विकास दुबे और उसके गुर्गों ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस ने सुबह ही बिकरू गांव के पास कांशीराम निवादा गांव में उसके मामा प्रेम प्रकाश और उसके चचेरे भाई अतुल दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके बाद ताबड़तोड एनकाउंटर कर उसके सबसे खास गुर्गा अमर दुबे के अलावा दो और को मार गिराया। इसलिए विकास दुबे को एनकाउंटर का डर सता रहा था।
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गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : ani
लगभग हर जिले में कोर्ट के बाहर पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी थी लिहाजा वह वहां सरेंडर नहीं कर सका था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसे एक वकील और कारोबारी दोस्त ने सलाह दी थी कि वो उज्जैन में महाकाल मंदिर में जाकर सरेंडर कर दे, पब्लिक के बीच में। ये उसको समझ में आ गया। इसलिए वो हरियाणा से सीधे उज्जैन पहुंचा था। तय योजना के मुताबिक वो अपना नाम बताकर चिल्लाने लगा। वीडियो बने और फोटो क्लिक हुए। पुलिस के पास उसे गिरफ्तार करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।
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कुख्यात अपराधी विकास दुबे गिरफ्तार
- फोटो : ANI
जानबूझकर सही नाम बताया था
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में विकास ने बताया था कि उसने मंदिर की दर्शन पर्ची पर जानबूझकर सही नाम लिखाया था। जिससे उसे सभी पहचान लें और पकड़कर पुलिस के हवाले कर दें। मगर ऐसा नहीं हुआ। सुरक्षाकर्मी व कर्मचारी उसको पहचान तो गए लेकिन शांत रहे। पुलिस को सूचना दे दी। इधर विकास को लगा कोई उसे पहचान नहीं पाया है तो वह चिल्लाने लगा था।
बोला दर्शन कर लूं, तब ले चलो
सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने जब विकास को गिरफ्तार किया और थाने ले जाने लगे तो वह बोला कि महाकाल के दर्शन कर लूं। उसके बाद ले चलो। पुलिस की मौजूदगी में भी वह डर नहीं रहा था। चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आ रही थी।