नगर निगम सदन की बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित बड़ा चौराहा अब अटल चौक और वीआईपी रोड अटल मार्ग के नाम से जानी जाएगी। नगर निगम सदन में इन दो प्रस्तावों समेत महापौर के सभी छह प्रस्तावों को सर्वसम्मति से हरी झंडी मिल गई।
इनमें जूही खलवा पुल का नाम अटल सेतु किए जाने, बैराज में निर्माणाधीन घाट का नाम अटल घाट करने और शेखपुर (जाजमऊ) में 20 एकड़ जमीन पर सघन पौधरोपण कर उसका नाम अटल विहारी वाजपेयी स्मृति वन किए जाने का भी प्रस्ताव शामिल था। इसके अलावा मोतीझील स्थित तुलसी उपवन में अटल विहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
Atal Bihari Vajpayee
सोमवार को बुलाई गई नगर निगम सदन में महापौर ने इन छह प्रस्तावों को रखा। सदन में मौजूद 44 पार्षदों और तीन पदेन सदस्यों सांसद देवेंद्र सिंह भोले, एमएलसी अरुण पाठक, विधायक इरफान सोलंकी ने मेज थपथपाकर सभी प्रस्तावों पर सहमति जताई।
इसके बाद महापौर ने सभी प्रस्ताव स्वीकृत होने का एलान कर दिया। बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद इन स्थानों पर नए नामों की जानकारी देने वाले बोर्ड लगवाए जाएंगे। सरकारी दस्तावेजों में भी संशोधन किया जाएगा।
पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी
सदन की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। महापौर प्रमिला पांडेय, पदेन सदस्यों, पार्षदों, भाजपा जिलाध्यक्ष (उत्तरी) सुरेंद्र मैथानी, दक्षिणी जिलाध्यक्ष अनीता गुप्ता समेत अफसरों और कर्मचारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
महापौर ने अटल जी को घर से टिफिन में खाना ले जाकर खिलाने के संस्मरण सुनाए। जोन-3 के प्रभारी राजीव शुक्ल ने पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन पर प्रकाश भी डाला।