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पूर्वा एक्सप्रेस हादसे में हुआ बड़ा खुलासा, क्यों पलटी ट्रेन, सच आया सामने!

Mon, 22 Apr 2019 02:36 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पूर्वा एक्सप्रेस हादसे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली हावड़ा रूट पर कानपुर से 15 किमी दूर रूमा के पास शुक्रवार देर रात पटरी से उतर कर पलटी पूर्वा एक्सप्रेस हादसे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में पूर्वा एक्सप्रेस के पलटने की वजहें सामने आने लगी हैं।
 
 
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पूर्वा एक्सप्रेस हादसा इतना भयंकर था कि कोच उल्टा हाे गया - फोटो : अमर उजाला
रूमा रेलवे स्टेशन से करीब सौ मीटर पहले इलाहाबाद की तरफ ट्रेन का पहिया पटरी से उतरा था। यहां पर दो पटरियों को लंबाई में जोड़ने के लिए लगाई जाने लगी चेक रेल (एसईजे) ट्रेन के किसी हिस्से की टक्कर से उखड़ गई थी।
 
 
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पूर्वा एक्सप्रेस हादसे के बाद जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला
इससे ट्रेन का पहिया नीचे उतर गया और स्लीपर पर रगड़ता हुआ रूमा रेलवे स्टेशन को पार कर गया और आगे असंतुलित होकर कोच पलट गए। रेलवे इंजीनियरों को आशंका है कि किसी कोच में नीचे लटके किसी हिस्से की टक्कर से चेक रेल उखड़ी है।
 
 

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पूर्वा एक्सप्रेस हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
यह पैंट्रीकार कोच हो सकता है। रेलवे ने अप लाइन के इस ट्रैक के हिस्से को चारों तरफ से घेर लिया है। इस जगह का इस्तेमाल संरक्षा विभाग शंटिंग के लिए भी नहीं करने दे रहा है क्योंकि यह सीआरएस जांच में साक्ष्य है।
 
 
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पूर्वा एक्सप्रेस हादसे के बाद बेपटरी कोच - फोटो : अमर उजाला
2 कोच वाली इस ट्रेन में पैंट्रीकार कोच के आगे लगे 12 कोच (नौ स्लीपर और दो जनरल, एक लगेज यान) में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। सात स्लीपर कोच और दो जनरल कोच वाली ट्रेन रवाना हो गई।
 
 
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पूर्वा एक्सप्रेस हादसे के बाद कोच से अलग हो गए थे पहिए - फोटो : अमर उजाला
पैंट्रीकार से सीधे जुड़े दो स्लीपर कोच (एस-8 और एस-9) मामूली रूम से डिरेल हुए थे, जिन्हें दोबारा पटरी पर करके सुबह 10 बजे कानपुर की तरफ रवाना कर दिया गया। पैंट्रीकार के पीछे के सभी एसी कोच बुरी तरह से डिरेल हुए। इसमें चार कोच पलट गए। इससे पैंट्रीकार कोच के किसी हिस्से से ही चेक रेल में टकराने की आशंका गहराई है।
 
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हादसे के बाद पूर्वा एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला
मैकेनिकल और इंजीनियरिंग दोनों की लापरवाही
हादसे के पीछे मैकेनिकल और इंजीनियरिंग दोनों विभागों की कमी सामने आ सकती है। कोच मरम्मत का काम रेलवे का मैकेनिकल विभाग देखता है। अगर कोच के किसी हिस्से से चेक रेल टकराई, तो उसकी रोलिंग स्टॉक को जानकारी क्यों नहीं हो सकी।

 
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पूर्वा एक्सप्रेस हादसे के बाद का दिल दहला देने वाला मंजर - फोटो : अमर उजाला
रोलिंग स्टॉक प्रमुख स्टेशनों से ट्रेन के गुजरने और दाखिल होने के दौरान ट्रैक के किनारे बैठकर पहियों की निगरानी करते हैं। ऐसे में अगर कोच में कोई पार्ट निकला था, तो वह दिखा क्यों नहीं। इसके अलावा पटरी की मरम्मत और कमियों को दूर करना इंजीनियरिंग (रेलपथ) का काम है। जिस जगह चेक रेल उखड़ी है, उसी जगह ट्रैक पर फ्रैक्चर भी मिला है। यह भी आशंका हो सकती है कि चेक रेल मजबूत न बंधी रही हो। तभी किसी पार्ट के टकराने से वह उखड़ गई।
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