लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ और अश्लीलता के मामले में कानपुर प्रदेश भर के 75 जिलों में दूसरे नंबर पर है। पहला नंबर लखनऊ का है। सबसे अधिक मोबाइल फोन कॉल पर छेड़खानी करने के मामले सामने आए हैं। दूसरे नंबर पर पब्लिक प्लेस, जबकि सोशल साइटों का तीसरा नंबर है।
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हाल में जारी आंकड़ों में हुआ खुलासा
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यह खुलासा वुमेन पॉवर हेल्पलाइन-1090 के हाल में जारी आंकड़ों में हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक (15 नवंबर 2012 से 30 नवंबर 2017 तक) हेल्पलाइन में शहर से 41,804 शिकायतें दर्ज हुईं। इसमें 41,337 मामलों का निस्तारण हो चुका है, जबकि 467 मामलों को निस्तारित करने का काम चल रहा है। इस वर्ष - 2017 में जनवरी से नवंबर तक हेल्पलाइन नंबर पर शहर से 8774 शिकायतें हुई हैं।
छेड़खानी रोकने के लिए कोई भी अभियान सफल नहीं रहा। इसी का नतीजा है कि प्रदेश में छेड़खानी के मामले में शहर दूसरे नंबर पर है। शहर में जोन स्तर के पुलिस अफसर एडीजी अविनाश चंद्र, आईजी आलोक सिंह भी बैठते हैं फिर भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
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एंटी रोमियो दस्ते और सक्रिय किए जाएंगे
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एडीजी अविनाश चंद्र ने बताया कि कानपुर शहर में छेड़खानी के मामलों को रोकने के लिए एंटी रोमियो दस्ते और सक्रिय किए जाएंगे। इसके साथ ही एसएसपी, एसपी और सीओ स्तर के अफसरों संग बैठक करके छेड़खानी रोकने के लिए ठोस कदम उठाया जाएगा।
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छेड़खानी में अव्वल सात शहर
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शहर का नाम कुल शिकायतें छात्राएं वर्किंग नॉन वर्किंग
लखनऊ 160905 74855 31983 54067
कानपुर नगर 41804 21193 6592 14019
इलाहाबाद 33596 18704 4179 10713
वाराणसी 32863 18151 4440 10272
गोरखपुर 22575 10836 2890 8849
आगरा 21117 9117 3699 8301
जौनपुर 20004 9719 1900 8385
हेल्पलाइन नंबर 1090 पर शिकायत करने वाली प्रत्येक पीड़िता का नाम गोपनीय रखा जाता है। हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही सबसे पहले कंट्रोल रूम से ही आरोपी के नंबर पर फोन करके उसे समझाने का प्रयास किया जाता है। अगर वह इसके बाद भी नहीं मानता तो मामला संबंधित थाने में भेज दिया जाता है। जहां पुलिस आरोपी और उसके अभिभावकों को बुलाकर समझाती है। इसके बाद भी आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आता तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके सख्त कार्रवाई की जाती है।