फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने भरी हुंकार, मंगटा हमले के विरोध में 23 को भारत बंद का किया ऐलान

Sat, 22 Feb 2020 03:11 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
कानपुर पहुंचे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला
कानपुर देहात में गजनेर के मंगटा गांव में 13 फरवरी को हुए अनुसूचित जाति के लोगों से हुई मारपीट के मामले में शुक्रवार को भीम आर्मी  के प्रमुख चंद्रशेखर ने कानपुर स्थित उर्सला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने घटना के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए 23 फरवरी को दलितों पर अत्याचार को लेकर भारत बंद का भी ऐलान किया है।
विज्ञापन

2 of 5
कानपुर पहुंचे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला
मंगटा, गजनेर (कानपुर देहात) में एक फरवरी से सात फरवरी तक बुद्ध कथा का आयोजन किया गया था। मंगटा निवासी शिवरतन, रजौली, शिया दुलारी समेत अन्य ने बताया कि सवर्ण पक्ष के लोगों ने कथा रोकने की कोशिश की थी। आरोप है कि कथा संपन्न होने के बाद उन्होंने बैनर फाड़ कर आपत्तिजनक बातें लिख दी थी।
विज्ञापन

3 of 5
कानपुर पहुंचे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला
विरोध किया तो पुलिस आ गई और गांव के कुछ सम्मानित लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता करा गया था। आरोप है कि 13 तारीख सुबह घर के पुरुषों को काम पर जाने के बाद दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोगों ने उनके घर पर लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।

4 of 5
कानपुर पहुंचे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला
घटना के वक्त केवल महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग ही थे। हमले में करीब 20 महिलायें, आठ बुजुर्ग और एक चार साल का मासूम गंभीर रुप से घायल हो गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अकबरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उन्हें  उर्सला रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने गांव के रहने वाले अमित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कानपुर पहुंचे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला
सुबह घायलों का हालचाल जानने उर्सला पहुंचे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा कि इस तरह की घटना का भीम आर्मी विरोध करती है। 23 फरवरी को भारत बंद का एलान किया गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार को निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को दलितों की चिंता नही है। सिर्फ दलितों को लेकर राजनीति करनी है। मुख्यमंत्री को खुद आकर घायलों का हालचाल लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं दलितों को मुआवजा भी देना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें