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UP: जेई के जाने के बाद पत्नी भी करती थी शारीरिक शोषण, दुर्गावती को था ये शौक; सीबीआई की केस डायरी में खुलासा

Sun, 22 Feb 2026 01:36 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बांदा

सार

लोक अभियोजक दारा सिंह मीना ने बताया कि जिन बच्चों का शोषण हुआ उसमें आठ हमीरपुर, 11 चित्रकूट और 15 बच्चे बांदा जिले के शामिल थे। इन सभी की चाइल्ड लाइव संस्था के सहयोग से काउंसलिंग की गई। जिससे वह बयान देने को तैयार हुए। 
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Banda POCSO Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बांदा में बाल यौन शोषण मामले में दोषी पाए गए रामभवन पर प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन करने वाली सीबीआई टीम जब कड़ियां जोड़ने लगी तो उसे भी पसीना आ गया था। पूरा मामला इन दिनों में चर्चा में चल रहे एपस्टीन कांड जैसा था। रामभवन ने ब्राजील, अमेरिका, चीन, अफगानिस्तान समेत करीब 47 देशें में अश्लील वीडियो सांझा किए थे।

सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह मीना ने बताया कि इंटरपोल ने 17 अक्तूबर 2020 को सीबीआई को जानकारी दी। इसमें 34 बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो और 679 फोटो वाली पेन ड्राइव थी। सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2020 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। 
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सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह, दोषी दुर्गावती - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच में रामभवन ने 34 बच्चों के 79 वीडियो बनाए थे। इन वीडियो को 47 देशों में बेचकर करोड़ों रुपये कमाए गए थे। उसकी पत्नी दुर्गावती भी इस काम में सहयोगी थी।
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सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
काउंसलिंग के बाद बयान देने को तैयार हुए पीड़ित बच्चे
लोक अभियोजक दारा सिंह मीना ने बताया कि जिन बच्चों का शोषण हुआ उसमें आठ हमीरपुर, 11 चित्रकूट और 15 बच्चे बांदा जिले के शामिल थे। इन सभी की चाइल्ड लाइव संस्था के सहयोग से काउंसलिंग की गई। जिससे वह बयान देने को तैयार हुए। 

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सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट से मुंह बांधकर निकाला रामभवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सबसे पहले बच्चों का भरोसा जीता और उन्हें विश्वास दिलाया था कि अब वह सुरक्षित हैं, तब जांच आगे बढ़ सकी थी। सभी बच्चों ने बयान के दौरान दोनों की पहचान भी की थी। जिससे रिपोर्ट दर्ज करने और फांसी तक पहुंचाने में बहुत मदद मिली। बताया कि बच्चों का उपचार एम्स में कराने के बाद आज सभी स्वस्थ हैं।
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आरोपी दंपती - फोटो : amar ujala
जेई के जाने के बाद पत्नी भी करती थी शारीरिक शोषण
यदि आप वह गंदे वीडियो देखें और किसी भी पीड़ित बच्चे से उनका दर्द साझा करते तो निश्चित ही आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे...आपको गुस्सा आना तय है। दोनों की हैवानियत सुनकर फांसी की सजा भी कम लगेगी। इस कड़ी में एक पीड़ित बालक से बात हुई। हालांकि इस समय उसकी उम्र 18 वर्ष है। वह हमीरपुर के एक गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले वह रामभवन के संपर्क में आया था। 
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चित्रकूट की एसडीएम कॉलोनी स्थित इसी मकान में रहता था आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसने बताया कि दोनों ने पहले मजदूर पिता का भरोसा जीता, इसके बाद उसे अपने घर ले जाकर लाइव वीडियो गेम खेलने को दिया। यह सिलसिला करीब 15 दिन चला था। इस बीच उसने अच्छा खाना देने के अलावा कपड़े व जूते भी दिलाए थे। 
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आरोपी के मकान को जाने वाली गली में पसरा सन्नाटा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक दिन अचानक उसने अश्लील वीडियो दिखाकर गलत काम करना शुरू कर दिया। वह जब चिल्लाया तो उसकी पत्नी (जो पहले से दरवाजे पर बैठी थी) ने डंडा लाकर दिया इसके बाद उसकी जमकर पिटाई हुई। 
 

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आरोपी का मकान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद रामभवन ने उसका शोषण किया और दुर्गावती वीडियो बनाती रही थी। बालक ने बताया कि अभी जुल्म की हदें पूरी नहीं हुई थीं। जब रामभवन घर के बाहर जाता तो दुर्गावती उसका शारीरिक शोषण करती थी। जिससे उसके शरीर में कई स्थानों पर घाव हो गए थे। मना करने पर पीटती थी। 

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फैसले के बाद दोषी दुर्गावती को न्यायलय से ले जातीं महिला पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह भयानक मंजर करीब दो वर्ष तक चला था। इसके बाद नहर का काम पूरा होने के बाद दोनों चले गए लेकिन वह इस दर्द से आज भी ऊबर नहीं पाया है। आज भी वह स्कूल नहीं जाता है। सीबीआई वाले अंकल जब कोर्ट ले गए थे तो वहां उसने सारी बात बता दी थीं।
 

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दोषी रामभवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नाबालिगों के यौन शोषण के दोषी निलंबित जेई रामभवन की पत्नी दुर्गावती भी गंदा काम कराती थी। इसका खुलासा सीबीआई ने अपनी केस डायरी में नाबालिगों के बयान के आधार पर किया है।

 

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कमल सिंह गौतम, विशेष लोक अभियोजक, बांदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खाते में रुपयों के ट्रांजेक्शन ने बढ़ाया जांच एजेंसियों का शक
जांच एजेंसियों का कहना है कि डार्क वेब के माध्यम से अवैध ऑनलाइन अश्लील साहित्य से जुड़े लेन-देन की भनक संभवतः उसके बैंक ट्रांजेक्शन से इंटरपोल को लगी होगी। जिसके बाद उसके खाते की निगरानी शुरू कर दी गई। इसके बाद, जांच एजेंसियों ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए गहन पड़ताल की। 

 

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सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह, दोषी रामभवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रुपयों का संदिग्ध ट्रांजेक्शन इस मामले में एक अहम कड़ी साबित हुआ। यह भी बताया जाता है कि 16 नवंबर 2020 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) आरोपी को लेकर आई थी और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। जांच एजेंसी ने मामले की गहन पड़ताल के लिए पांच दिन की रिमांड भी मांगी थी।
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je rambhavan - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
वहीं, इस घिनौने अपराध को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस घटना ने पूरे कस्बे को शर्मसार कर दिया है। हर किसी की आंखों में गुस्सा है और लोग ऐसे अपराधों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।
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