बांदा के आबकारी निरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव की आत्महत्या का राज गहरा गया है। पुलिस उनकी कथित महिला मित्र के बयान और सुसाइड नोट को संदिग्ध मान रही है। फिलहाल पूछताछ के बाद महिला को छोड़ दिया गया है।
आबकारी निरीक्षक अभियोजन के पद पर तैनात आलोक एक वर्ष से अवसाद में थे। साथी अधिकारियों के मुताबिक उनके पास कोई काम नहीं था। उनकी सहायक आबकारी आयुक्त पत्नी अमृता भी इसी कार्यालय में तैनात थीं। मंगलवार को दोपहर आलोक की आत्महत्या की जानकारी लगाने ही वह सीतापुर रवाना हो गईं।
आबकारी निरीक्षक (अभियोजन) आलोक श्रीवास्तव और उनकी पत्नी सहायक आबकारी आयुक्त अमृता श्रीवास्तव की तैनाती यहां जुलाई 2023 में हुई थी। सिविल लाइन स्थित सरकारी कालोनी में उन्हें आवास आवंटित हुआ है। आलोक श्रीवास्तव के एक बेटा और एक बेटी हैं, जो सीतापुर में रहकर पढ़ाई करते हैं।
होली के समय भी आलोक में नहीं था कोई उत्साह
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक आलोक श्रीवास्तव की तैनाती अभियोजन में थी। कोई काम न होने से वह डिप्रेशन में रहते थे। लोगों से ज्यादा मिलना जुलना भी नहीं रहता था। होली के समय भी उनमें कोई उत्साह नहीं था। पत्नी होली पर सीतापुर चली गई थीं। मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे उनके पास फोन आया कि आलोक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही उनकी पत्नी अमृता निजी कार से सीतापुर के लिए रवाना हो गईं। कार्यालय में तैनात अधिकारियों ने बताया कि आलोक करीब दो माह से कुछ ज्यादा परेशान दिखते थे। हो सकता है इसी वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
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जिला अस्पताल में मौजूद मृतक के पुत्र
- फोटो : संवाद
छह साल पहले हुए थे निलंबित
सूत्रों के मुताबिक, सुसाइड नोट में आलोक ने विभाग के लिए लिखा है कि वह जब अयोध्या में तैनात थे तो छह साल पहले उनको निलंबित किया गया था। बहाली होने के बाद भी तैनाती नहीं मिली है। काफी परेशान होकर वह यह कदम उठा रहे हैं। इसके लिए कोई भी जिम्मेदार या दोषी नहीं है।
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जिला अस्पताल में पीएम हाउस के बाहर लगी मौजूद आबकारी विभाग के लोग व मोहल्लावासी
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स्थानीय लोगों के मुताबिक आलोक का सीतापुर-लखीमपुर मार्ग पर एक फार्म हाउस भी है। आलोक मंगलवार को फॉर्म हाउस पर भी गए थे। वहां से निकलने के बाद उनका शव इस हाल में मिला।
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पीएम हाउस में मौजूद फॉरेंसिक टीम
- फोटो : संवाद
पिछली सीट पर मिले खून के निशान
आलोक का शव बंद कार में मिला। उनकी बायी कनपटी पर गोली का निशान है। वहीं, कार में ही उनका रिवॉल्वर, कैप व अन्य सामान भी बरामद हुआ है। पिछली सीट पर भी खून के निशान मिले हैं। टीम ने कार की फोटो आदि भी ली है।
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परिवार के साथ मृतक आलोक श्रीवास्तव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
आबकारी निरीक्षक ने की खुदकुशी
सीतापुर में बांदा के आबकारी निरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार दोपहर बाद सीतापुर में कार को भीतर से लॉक करके गोली मार ली। कार में ही उनका सर्विस रिवॉल्वर भी मिला। पिता ने मैकेनिक से कार का लॉक खुलवाकर उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने आलोक को मृत घोषित कर दिया। उनकी बांयी कनपटी पर गोली लगी है। पुलिस ने महिला दोस्त को संदिग्ध मान पूछताछ की। उसके दुपट्टे में ही सुसाइड नोट फंसा मिला था। आलोक शिवपुरी मोहल्ले के रहने वाले थे। बांदा जनपद में आबकारी निरीक्षक के पद पर तैनात थे। पत्नी अमृता श्रीवास्तव भी बांदा में सहायक आबकारी आयुक्त हैं।
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जिला अस्पताल में मौजूद पुलिस व अन्य
- फोटो : संवाद
कार में उनके निढाल पड़े थे आलोक
परिजनों के मुताबिक आलोक छुट्टी लेकर घर आए थे। यहां उनके पुत्र अयान कुमार और एक पुत्री है। मंगलवार सुबह वह किसी काम से कार से निकले थे। कुछ देर बाद वैदेही वाटिका के पास बंद कार में उनके निढाल पड़े होने की सूचना मिली। पिता ईश्वर दयाल के मुताबिक, कार अंदर से लॉक थी। करीब ढाई बजे आलोक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो रही है। सुसाइड नोट को जांच के लिए भेजा गया है। एक महिला से पूछताछ की गई है।
परिचित महिला ने दिखाया सुसाइड नोट
आलोक को जब जिला अस्पताल लाया गया तो साथ में एक महिला भी थी। महिला के मुताबिक वह आलोक और उनकी पत्नी की दोस्त है। महिला के मुताबिक उसके दुपट्टे में ही सुसाइड नोट फंसा था, जो कि पुलिस ने जब्त किया है। दुपट्टे पर खून के निशान भी मिले, जो महिला ने खुद पुलिस को दिखाए।