साहब आपके परिवार के बेटे की जान गई होती, तो क्या ऐसे ही होता। आरोपी दरोगा पर ऐसे ही हल्की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाती, जिससे उसे कोर्ट से फौरन जमानत मिल गई। दरोगा ने जानबूझकर रजत की जान ली है। दरोगा को फांसी हो। अगर न्याय नहीं मिला तो सीएम आवास के सामने आत्मदाह कर लेंगे। ये बात शनिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा राशि की चेक देने पहुंचे सांसद सत्यदेव पचौरी, डीएम और एसएसपी के सामने रजत के परिजनों ने कही। परिजनों ने एसएसपी को खूब खरी-खोटी सुनाई। अफसरों और सांसद ने पीड़ित परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया।