चित्रकूट पुलिस टीम द्वारा पकड़े गए एक लाख के इनामी डाकू सोहन कोल ने यह कहकर हडकंप मचा दिया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सरगना बबुली और लवलेश को गोलियों से भून दिया है। इसके बाद वह भाग गए थे। डाकू के इस दावे के बाद मप्र पुलिस अधिकारियों की बोलती बंद हो रही है।
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डकैत बबुली कोल
- फोटो : अमर उजाला
उधर मप्र में डकैतों के एनकाउंटर को लेकर मजिस्ट्रियल व सीआईडी (राज्यस्तर) की जांच शुरू हो चुकी है। गुरुवार को जब चित्रकूट जिले के मानिकपुर थानाक्षेत्र कल्याणपुर जंगल मेें मुठभेड में पुलिस टीम ने डाकू सोहन को दबोचा तो उसने मीडिया के सामने कई राज खोलकर हडकंप मचा दिया है।
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बबुली कोल और लवलेश को मारने वाली टीम
- फोटो : अमर उजाला
यूपी-एमपी पुलिस अधिकारियों के चेहरे पर सोच की लकीरें खिंच गईं। डाकू ने बेखौफ अंदाज में बताया कि गैंग में कई तरह की प्रताड़ना व फिरौती की रकम का बराबर बंटवारा न करने पर नाराज होकर उसने चार साथियों के साथ मिलकर रात को सोते समय सरगना बबुली व लवलेश को गोलियों से भूनकर भाग गए थे।
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यूपी एमपी में आतंक का दूसरा नाम डाकू बबुली कोल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उसने यह भी दावा किया कि मप्र पुलिस टीम से मुठभेड़ में बबुली व लवलेश नहीं मारे गए। चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी दीपक कुमार ने कहा कि वह किसी भी तरह के इस बयान का समर्थन नहीं करते। मप्र पुलिस टीम का बयान है कि मुुठभेड में दोनों डाकू मारे गए हैं बस यही वह भी जानते हैं।
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डकैत बबुली कोल और लवलेश कोल की मौत
- फोटो : अमर उजाला
अभी रिमांड में इस डाकू से कई बातें पूछी जाएंगी। उधर रीवा आईजी जोन चंचल शेखर व एसपी रियाज इकबाल ने कहा कि इस डाकू की बात गलत है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर लेदरी के जंगल में घेराबंदी के दौरान बबुली लवलेश मारे गए हैं।
गौरतलब है कि 16 सितंबर को ही इसी गैंग के एक सदस्य लाले कोल निवासी हरषेड की मां मुन्नीदेवी ने भी दावा किया था कि बबुली व लवलेश को उसका बेटा व गैंग के अन्य सदस्य मारकर आए हैं। अमर उजाला ने भी 16 सितंबर को ही गैंगवार में मारा गया डाकू सरगना बबुली की खबर छापी थी।