हरदोईः लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर उमरताली रेलवे स्टेशन के निकट अवध-आसाम एक्सप्रेस ट्रेन के पहिए थम गए। ट्रेन रुकने से अप दिशा की तीन यात्री ट्रेनों के अलावा दो मालगाडिय़ां भी अलग-अलग स्टेशन पर रोक दी गई। दोपहर लगभग 12 बजे डीजल इंजन लगाकर अवध आसाम एक्सप्रेस को बालामऊ जंक्शन लाया गया। इसके बाद ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो सका। इस दौरान यात्रियों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जानें क्या है पूरा मामला...
विज्ञापन
2 of 4
ट्रेन में सवार यात्रियों को निशुल्क पानी उपलब्ध कराते स्काउट व गाइड
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ से दिल्ली के बीच रेलवे ट्रैक का विद्युतीकृत हो चुका है। इलेक्ट्रिक इंजन ही अधिकतर ट्रेनों में लगते हैं। गुरुवार की सुबह लगभग नौ बजे अज्ञात कारणों के चलते उमरताली के निकट तीन पोल से गुजरी ओएचई लाइन टूट गई। उधर से गुजर रही अवध आसाम एक्सप्रेस को पावर मिलना बंद हो गया तो ट्रेन रुक गई। पहले तो रेलवे का स्टाफ खामी ही नहीं समझ पाया, लेकिन इसी बीच टूटे तारों पर निगाह पड़ने पर चालक ने बालामऊ जंक्शन और संडीला रेलवे स्टेशन को अवगत कराया। इसके बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर राजकुमार के नेतृत्व मेें हरदोई से एक टीम उमरताली के लिए रवाना हुई। टीम ने टूटे तारों को जोड़ने की कवायद शुरू की, लेकिन इसमें काफी समय लगता चला गया।
विज्ञापन
3 of 4
उमरताली के निकट ट्रेन के इंजन पर खड़े होकर ओएचई लाइन की मरम्मत में लगे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों ने भीषण गर्मी से हंगामा शुरू कर दिया। ऐसे में कंट्रोल रूम को सूचना दी गई तो बालामऊ जंक्शन से डीजल इंजन उमरताली भेजा गया और अवध आसाम एक्सप्रेस को इस इंजन के सहारे बालामऊ लाया गया। बालामऊ में 10 मिनट रुकने के बाद ट्रेन हरदोई के लिए रवाना हो गई। बघौली के स्टेशन अधीक्षक रामरतन ने बताया कि कुल पांच गाड़ियां अलग-अलग स्थानों पर रोकी गईं। इनमें अपर दिशा की जम्मूतवी एक्सप्रेस, बनारस-बरेली एक्सप्रेस और त्रिवेणी एक्सप्रेस के साथ ही दो मालगाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि तार टूटने के कारणों की जांच की जा रही है।
हरदोई स्टेशन पर ट्रेन में बैठने को लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
दो घंटे लेट चल रही थी ट्रेन
रेलवे कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक अवध-आसाम एक्सप्रेस गुरुवार को अपने निर्धारित समय से दो घंटे की देरी से चल रही थी। हरदोई रेलवे स्टेशन पर पहुंचने का समय सुबह 7 बजकर आठ मिनट है। लगभग सवा नौ बजे उमरताली के पास ओएचई लाइन का तार टूटकर गिरने की जानकारी मिली। इसके बाद ट्रेन खड़ी रही। बालामऊ से जब डीजल इंजन पहुंचा तो ट्रेन को हरदोई के लिए रवाना किया गया। यह ट्रेन एक बजकर दस मिनट पर हरदोई स्टेशन पहुंची। इसके अलावा दिन में साढ़े बारह बजे आने वाली जम्मूतवी एक्सप्रेस दो बजकर 27 मिनट पर पहुंची। सुबह नौ बजकर 24 मिनट पर आने वाली बनारस-बरेली एक्सप्रेस दोपहर में दो बजकर 57 मिनट पर पहुंची, जबकि सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर हरदोई स्टेशन पहुंचने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस के पांच घंटा छियालिस मिनट देरी से चलने की सूचना कंट्रोल रूम से मिल रही थी।
30 रुपये में बिकी पानी एक बोतल
उमरताली रेलवे स्टेशन के निकट ओएचई लाइन टूटने से ट्रेन के रुकने की जानकारी मिलते ही उमरताली रेलवे स्टेशन के आसपास दुकानें चलाने वाले लोग सक्रिय हो गए। यहां से पानी की बोतलें और पानी के पाउच ट्रेन तक लगातार भेजे गए। यात्रियों की परेशानियों और भीषण गर्मी में प्यास के चलते गला सूखने का लाभ अवैध वेंडरों ने खूब उठाया। आमतौर पर 12 से 15 रुपये में मिलने वाली पानी की बोतल 30 रुपये में बेची गई। ट्रेन के अंदर सवार वेंडरों ने भी मनमाने रुपये यात्रियों से वसूले। हरदोई रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही निशुल्क सेवा में लगे स्काउट और गाइड सक्रिय हो गए और ट्रेन में वर यात्रियों को उनकी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त पानी निशुल्क उपलब्ध कराया।