अपने मेहंदी रचे हाथों से प्रगति ने जिस कारिस्तानी को अंजाम दिया और दिलवाया उसने सभी को झकझोर दिया। पूरा परिवार, गांव, ससुराल गम में डूबे हैं। प्रेमी के साथ खुद तो सलाखों के पीछे गई, परिवार को भी कभी न भूलने वाली टीस दे गई।
उत्तर प्रदेश के औरैया में हाइड्रा चालक दिलीप हत्याकांड में तीन परिवारों को धक्का लगा है। इस घटना से हर कोई सदमे में है। आरोपी अनुराग की बहन ने महिला के तौर पर चौंकाने वाली बात कही। उसका कहना था कि अगर उसका भाई गलत है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन प्रगति के संबंध में उसका कहना था कि जो अपने पति की नहीं हुई, वो किसी और की क्या होगी। इतना कहते ही उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
इंटर तक की पढ़ाई कर चुकी प्रगति अपने घर में ही रहती थी। पड़ोसी अनुराग से वह पिछले करीब चार साल से प्यार की पींगें बढ़ा रही थी। इंटर पास करके दिबियापुर कस्बा में अपनी मौसी के यहां रहती थी। वहां आने-जाने के दौरान वह जमाने की नजरों से बचकर भी अनुराग से मिला करती थी। बड़ी और महंगी गाड़ियों के शौकीन अनुराग की लाइफ स्टाइल पर फिदा प्रगति ने कभी किसी को अपने प्यार की भनक नहीं लगने दी।
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प्रेमी अनुराग के संग प्रगति।
- फोटो : सोशल मीडिया
उसके परिवार का तर्क है कि वह अक्सर अपनी बड़ी बहन पारुल से मिलने उसके ससुराल मैनपुरी के भोगांव थाना के नगला-दीपा गांव जाती थी। वहीं उसकी नजरें दीदी के देवर दिलीप से टकरा गईं। अनुराग से प्रेम प्रसंग के बावजूद उसने दिलीप पर डोरे डाले। दोनों की जिद के आगे दोनों के ही परिवारों ने भी रजामंदी दे दी।
दिलीप धूमधाम से पांच मार्च को प्रगति संग सात फेरे लेकर उसे अगले दिन छह मार्च को अपनी दुल्हन बनाकर अपने घर ले गया। वहां वह सिर्फ पांच दिन ही रही और शादी के बाद पहली होली मायके में मनाने के लिए 10 मार्च को वापस आ गई।
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बुधवार को सियापुर गांव में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
- फोटो : अमर उजाला
पहले से ही दिलीप से अलग होने का मन बना चुकी प्रगति ने यहां आकर प्रेमी अनुराग से 17 मार्च को एक होटल में मुलाकात की और पति दिलीप को रास्ते से हटाने का खाका तैयार किया। अब जब उसकी कारिस्तानी सामने आ चुकी है तो मायके से लेकर ससुराल तक कोहराम मचा हुआ है।
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auraiya murder
- फोटो : अमर उजाला
न सात फेरे की लाज रखी न सुहाग के जोड़े की
अपने मेहंदी रचे हाथों से प्रगति ने जिस कारिस्तानी को अंजाम दिया और दिलवाया उसने सभी को झकझोर दिया। पूरा परिवार, गांव, ससुराल गम में डूबे हैं। प्रेमी के साथ खुद तो सलाखों के पीछे गई, परिवार को भी कभी न भूलने वाली टीस दे गई। गांव के ही युवक के प्रेम में अंधी होकर अपने ही सुहाग को खत्म करने वाली इस नवब्याहता की कारिस्तानी ने मायके को पूरी दुनिया के सामने रुसवा कर दिया। उनके होठों की चुप्पी से बेटी की करतूत का गुस्सा जाहिर हो रहा है। सूनी आंखों में उसके लिए नफरत का सागर हिलोरें लेता दिख रहा है। गांव वाले कहते हैं कि उसने ऐसा किया ही क्या है कि उसके बारे में बात की जाए। बेटियां दुल्हन के जोड़े में ससुराल जाकर मायके का मान बढ़ाती हैं, इसने अपने ही सुहाग का कत्ल करके न सात फेरों की लाज रखी न ही उस सुर्ख जोड़े का, जिसमें उसे विदा किया गया था।
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- फोटो : अमर उजाला
गांव में पड़ोसी हैं प्रगति और अनुराग
औरैया सदर तहसील का छोटा सा गांव है सियापुर। भाग्यनगर ब्लॉक और फफूंद थाना की सीमा क्षेत्र में आने वाले इस बेहद छोटे से गांव में ही सिर्फ यादव बिरादरी के ही 25 परिवारों का घर है। कुल आबादी 80 लोगों की है। उनमें से कुछ आपस में रिश्तेदार हैं। अपनी ही मांग का सिंदूर खुद से पोछने वाली प्रगति और उसका प्रेमी अनुराग इसी गांव के निवासी हैं। प्रगति का मकान गांव के मेन रोड पर दो मंजिला है। उसके मकान के ठीक पीछे उसके प्रेमी अनुराग व उसके चाचा का मकान है। प्रगति का मकान दखलीपुर पंचायत की सीमा में आता है, जबकि बमुश्किल 100 मीटर की दूरी पर अनुराग का मकान पीहरपुर पंचायत में पड़ता है। आसपास रहने वाले यह लोग अलग-अलग पंचायतों के वोटर हैं।
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- फोटो : amar ujala
गांव में हर जुबान पर थी दोनों की प्रेम लीला
भले ही अब प्रगति के परिवार के लोग यह कह रहे हैं कि उन्हें प्रगति और अनुराग के बीच प्रेम संबंध की जानकारी नहीं है, लेकिन गांव के लोग दबी जुबान से बता रहे हैं कि दोनों में नजदीकियां थीं। प्रगति के माता-पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इसलिए उन तक इसकी जानकारी नहीं थी। तीन बड़े भाइयों में दो शादीशुदा आलोक राजस्थान के भिलवाड़ा में एक कंपनी में नौकरी के सिलसिले में गांव में कम रहता है। दूसरा बड़ा भाई आशुतोष मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक है। वह भी अपने परिवार के साथ वहां रहता है। तीसरा भाई संतोष अविवाहित है।
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प्रगति के लाल जोड़े से हथकड़ी पहनने तक का सफर
■ पांच मार्च को प्रगति और दिलीप की दिबियापुर कस्बा के एक गेस्ट हाउस में धूमधाम से शादी हुई।
■ 06 मार्च को प्रगति लाल जोड़े में दिलीप की जीवन साथी बनकर ससुराल मैनपुरी के भोगांव पहुंची।
■ 10 मार्च को होली के त्योहार के मद्देनजर अपने मायके सियापुर आ गई।
■ 17 मार्च को मौसी के घर जाने की बात कहकर प्रेमी अनुराग से मिलने औरैया के होटल में पहुंची।
■ 19 मार्च को प्रेमी अनुराग के कहने पर शूटर रामजी नागर ने प्रगति के पति दिलीप को गोली मारी।
■ 21 मार्च को पति की मौत पर उसके शव के साथ ही ससुराल मैनपुरी के भोगांव पहुंची।
■ 24 मार्च को पुलिस ने प्रगति को अपने पति की हत्या करवाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
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प्रेम प्रसंग में बाधा बन रहा था पति
सुपारी के बचे हुए रुपयों का लेनदेन करने के दौरान पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी, उसके प्रेमी व एक शूटर को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचे, बाइक सहित अन्य सामान भी बरामद किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। मैनपुरी के भोगांव थाना के नगला दीपा निवासी हाइड्रा चालक दिलीप कुमार (24) की हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी।
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पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
इसी दौरान सुपारी के रुपयों के लेनदेन की सूचना मिलने पर शनिवार दोपहर पुलिस ने हरपुरा के पास छापा मारा। वहां से सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा व स्वाट टीम प्रभारी राजीव कुमार ने दिलीप की पत्नी प्रगति को गिरफ्तार किया। महिला के अलावा मौके से उसके गांव हजियापुर फफूंद निवासी प्रेमी अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव, अछल्दा के प्रेम नगर निवासी शूटर रामजी नागर को भी गिरफ्तार कर लिया।
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प्रेमी के साथ पति को रास्ते से हटाने के ठान ली थी
पुलिस की पूछताछ में प्रगति ने बताया कि प्रेम प्रसंग की जानकारी होने पर परिजन ने उसकी शादी बड़ी बहन के देवर दिलीप से करा दी थी। इस शादी से वह नाखुश थी। इसलिए उसने प्रेमी के साथ पति को रास्ते से हटाने के ठान ली थी। खुद को बचाते हुए उसने दो लाख रुपये में भाड़े के शूटर बुक किए थे। बताया कि शादी में मुंह दिखाई व अन्य रस्मों के दौरान उसे मिले एक लाख रुपये उसने शूटरों को एडवांस दिए थे।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पत्नी प्रगति
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इलाज के दौरान हो गई थी मौत
साजिश के तहत 19 मार्च को पति जब कन्नौज के उमर्दा के पास शाह नगर से हाइड्रा लेकर लौट रहे थे, तभी पलिया गांव के समीप शूटरों से उस पर हमला करवाया था। शूटरों ने पति के साथ मारपीट की। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। बाद में उसे गेहूं के खेत में फेंक दिया। मरणासन्न हालत में पड़ा मिलने पर पुलिस उसे अस्पताल ले गई थी। जिसके बाद 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई थी।