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अटल के 2 अविस्मरणीय किस्से, बोले- 'मैं मंच से बोल रहा हूं या मचान से', 'मेरा उत्तराधिकारी चला गया'

Sat, 18 Aug 2018 07:52 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी फर्रुखाबाद आए
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जब भी आते थे। उन्हें सुनने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता था। ऐसा ही नजारा तब नजर आया जब वह शहर के बजरिया फील्ड में 1992 में एक जनसभा को संबोधित करने आए थे। यहां पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका मंच एक खराब ट्रक की बॉडी पर बनाया था। इससे उसकी ऊंचाई ज्यादा हो गई थी।

 
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जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी फर्रुखाबाद आए
मंच पर चढ़ते ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं मंच से बोल रहा हूं या मचान से। उनके यह कहते ही खचाखच मैदान में ठहाके गूंजने लगे थे। बाद में लोगों ने स्थानीय भाजपा नेताओं की खूब खिंचाई की थी। इसके अलावा वह ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के बाद वह उनके परिवार के कई कार्यक्रमों में शामिल होने शहर आए थे।

 
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जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी फर्रुखाबाद आए
ब्रह्मदत्त की किताब का किया था विमोचन
अटल बिहारी वाजपेयी को जितना उनकी राजनीति के लिए जाना जाता है उतना ही कविताओं के लिए। पूर्व ऊर्जा मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के बेटे और सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया कि पिता के कवि होने से दोनों में अच्छी जमती थी। पिताजी की मृत्यु के बाद उनके काव्य संकलन ‘जब हम न होंगे’ का संपादन व विमोचन अटल बिहारी वाजपेयी ने ही किया था।

 

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जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी फर्रुखाबाद आए
मेरा उत्तराधिकारी चला गया
पूर्व ऊर्जा मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की मौत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी शहर आए थे। तब उनके साथ कई नेताओं का हुजूम था। इसके बाद वह उनकी तेरहवीं संस्कार में उनके गांव अमृतपुर भी गए थे। वहां उन्होंने कहा था कि आज मेरा उत्तराधिकारी चला गया।
 
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
जब बदला गया कार्यक्रम स्थल
वर्ष 2005 में अटल बिहारी वाजपेयी शहर में ब्रह्मदत्त द्विवेदी की पुण्यतिथि पर हुए कार्यक्रम में आए थे। कार्यक्रम के लिए भारतीय पाठशाला में मंच तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पता चला कि पूर्व प्रधानमंत्री ने घुटने का ऑपरेशन कराया है और वह भारतीय पाठशाला की सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते। इसके बाद बद्री विशाल डिग्री कॉलेज में मंच तैयार किया गया। इसी दौरान जिले में हुए गंडुआ कांड (डाकू कलुआ द्वारा कई लोगों को लिटाकर ट्रैक्टर चढ़ा देने की घटना) पर उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जनता पर ट्रैक्टर चढ़ रहा है सरकार और पुलिस सो रही है।
 
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
अपराध बहुल क्षेत्र में कर रहे साहित्य सेवा
फर्रुखाबाद के वरिष्ठ कवि डा. शिवओम अंबर 1980 के दशक में एक कवि सम्मेलन में शामिल होने दिल्ली गए थे। वहां मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष अटल बिहारी वाजपेयी आए थे। शिवओम अंबर ने बताया कि उन्होंने मुझसे कहा था कि फर्रुखाबाद जैसे अपराध बहुल क्षेेत्र में रह कर साहित्य की सेवा करना बड़ी बात है। इस पर शिवओम अंबर ने उन्हें संसद जैसे बड़े अपराध बहुल क्षेत्र में साहित्य की सेवा करने की बात कही थी। अंबर ने बताया इसके बाद जब वह काव्य पाठ करने गए तो उन्होंने मंच से इस बात का जिक्र किया।
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