फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएवी के पास पहरा देते गुजारी रात, नेहरू का भाषण नहीं सुन पाए 

Fri, 17 Aug 2018 03:40 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी यादें - फोटो : अमर उजाला
अटल बिहारी वाजपेयी को 14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का भाषण न सुन पाने का बड़ा मलाल हुआ था। वह उन दिनों डीएवी कॉलेज के छात्र थे और यहीं छात्रावास में रहते थे। सुप्रसिद्ध लेखक शिवकुमार गोयल ने अटलजी से छात्र जीवन का कोई रोमांचक संस्मरण सुनाने का आग्रह किया, तो उन्होंने बताया था कि भारत विभाजन के समय कुछ शरारती तत्वों ने कानपुर को भी हिंसा की आग में झोंकने का प्रयास किया था।
 
विज्ञापन

2 of 4
अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी यादें - फोटो : अमर उजाला
हम सब छात्रावास में इकट्ठा थे। एक मोहल्ले के कुछ लोग आए कहा कि उनको पक्की खबर मिली है कि पड़ोस के मोहल्लों से हमारी बस्ती पर हमला किया जाएगा। कुछ हट्टेकट्टे किस्म के छात्रों ने आश्वासन दिया कि जाओ चैन की नींद सो, हम लोग मोर्चा लेंगे। पूरी रात हम लोग पहरा देंगे। मैं तथा अन्य छात्र पूरी रात उनके मोहल्ले में पहरा देते रहे। शरारती तत्वों को पता लग गया कि डीएवी के छात्र पहुंच चुके हैं। वे उत्तेजक नारे तो लगाते रहे। किंतु आक्रमण करने का साहस नहीं जुटा पाए। रात मोहल्ले में पहरा देते गुजारने के कारण 14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि पंडित नेहरू का ऐतिहासिक भाषण रेडियो पर नहीं सुन सके। 
 
विज्ञापन

3 of 4
अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी यादें - फोटो : अमर उजाला
गीत सुनकर भीग गईं गुरु गोलवलकर की आंखें
आरएसएस के प्रधान रहे माधव सदाशिव गोलवलकर गुरु जी की प्रेरणा से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। वर्ष-1956 में जनसंघ का अखिल भारतीय वार्षिक अधिवेशन फूलबाग में हुआ था। मंच पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ पंडित मौलिचंद्र शर्मा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदि जनसंघ के तत्कालीन प्रमुख नेता तो विराजमान थे, परंतु अटल जी अनुपस्थित थे। मंच पर उनको न देख प्रशंसक और अनुयायी उद्वेलित-व्यथित थे। वास्तव में अटल जी अधिवेशन की व्यवस्थाओं में व्यस्त थे। समय मिलते ही वह जैसे ही मंच पर आए, कार्यकर्ताओं में हर्ष की लहर दौड़ गई।
 
विज्ञापन

4 of 4
अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी यादें - फोटो : self
अमृत अटल शीर्षक स्मारिका में एक और घटना का उल्लेख है कि वीएसएसडी कॉलेज में आरएसएस का शिक्षा वर्ग लगा था। उस शिक्षा वर्ग में हिस्सा लेने वाले रामलाल दीक्षित ने लिखा है कि, गुरु गोलवलकर के मंच पर विराजते ही अटल बिहारी गीत प्रस्तुत करने के लिए खड़े हो गए। गीत सुनकर सबकी आंखों में आंसू आ गए। गुरु गोलवलकर की आंखें भी भीग गईं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें